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भारत में समानांतर अर्थव्यवस्था: ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, कारण और कानूनी निहितार्थ
Economics

भारत में समानांतर अर्थव्यवस्था: ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, कारण और कानूनी निहितार्थ

समानांतर अर्थव्यवस्था को काली या छाया अर्थव्यवस्था भी कहा जाता है. यह देश की आधिकारिक अर्थव्यवस्था के समानांतर चलने वाली आर्थिक व्यवस्था है. इसका आधार काला धन होता है. यानी ऐसी आय या संपत्ति, जिसे सरकार और कर विभाग से छिपाया जाता है और जिस पर नियमानुसार कर नहीं चुकाया जाता. ऐसी गतिविधियां सरकार की […]

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भारत में ग्रामीण ऋण: संस्थागत क्रेडिट व्यवस्था और समावेशी विकास
Economics

भारत में ग्रामीण ऋण: संस्थागत क्रेडिट व्यवस्था और समावेशी विकास

भारत की अर्थव्यवस्था में आज भी ग्रामीण क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है. इसलिए ग्रामीण ऋण व्यवस्था (Rural Credit System) देश के विकास का एक प्रमुख आधार मानी जाती है. किसानों, पशुपालकों, मछुआरों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों के लिए समय पर सस्ता ऋण अत्यंत आवश्यक है. इससे कृषि उत्पादन बढ़ता है, रोजगार के अवसर बनते हैं

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भारत में सहकारी बैंकिंग प्रणाली का सांकेतिक चित्र, जिसमें सहकारी बैंक, सदस्य-आधारित बैंकिंग, वित्तीय समावेशन और सहयोग के सिद्धांत को दर्शाया गया है.
Economics

भारत में सहकारी बैंकिंग प्रणाली (Cooperative Banking in India)

सहकारी बैंकिंग प्रणाली भारत की ऐसी बैंकिंग व्यवस्था है, जो सहकारिता (Cooperation), पारस्परिक सहायता और लोकतांत्रिक प्रबंधन के सिद्धांत पर आधारित है. इसमें बैंक का स्वामित्व किसी एक व्यक्ति या निजी कंपनी के पास नहीं होता, बल्कि इसके सदस्यों के पास होता है. प्रत्येक सदस्य बैंक का ग्राहक भी होता है और उसका सह-स्वामी भी.

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विश्व के 25 प्रसिद्ध अर्थशास्त्री – एडम स्मिथ, कार्ल मार्क्स, जॉन मेनार्ड कीन्स, अमर्त्य सेन सहित प्रमुख अर्थशास्त्रियों के जीवन, सिद्धांत और आर्थिक योगदान पर आधारित चित्र.
Economics

विश्व के 25 प्रसिद्ध अर्थशास्त्री, जीवन परिचय और योगदान

अर्थशास्त्र मानव की आवश्यकताओं, सीमित संसाधनों और उनके सर्वोत्तम उपयोग का विज्ञान है. समय-समय पर अनेक महान अर्थशास्त्रियों ने अपने सिद्धांतों और विचारों से इस विषय को नई दिशा दी. उनके कार्यों ने आर्थिक नीतियों, व्यापार, वित्त, विकास, रोजगार, गरीबी उन्मूलन और वैश्विक अर्थव्यवस्था को गहराई से प्रभावित किया. एडम स्मिथ से लेकर डैनी रोड्रिक

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भारत में म्यूचुअल फंड, आकार, प्रकार, विनियमन व अन्य तथ्य
Economics

भारत में म्यूचुअल फंड, आकार, प्रकार, विनियमन व अन्य तथ्य

पिछले कुछ वर्षों में भारत में निवेश की संस्कृति में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है. पहले जहाँ अधिकांश लोग बैंक जमा, डाकघर बचत योजनाओं या पारंपरिक निवेश विकल्पों पर निर्भर रहते थे, वहीं आज करोड़ों निवेशक म्यूचुअल फंडों के माध्यम से पूंजी बाजार से जुड़ रहे हैं. विशेष रूप से सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (Systematic

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भारत के 12 पंचवर्षीय योजनाएं (Five Year Plans), अवधारणा, उपलब्धियाँ व सीमाएँ
Economics

भारत के 12 पंचवर्षीय योजनाएं, अवधारणा, उपलब्धियाँ व सीमाएँ

पंचवर्षीय योजनाएँ (Five Year Plans) भारत सरकार द्वारा निर्धारित पाँच वर्षों की अवधि के लिए तैयार की जाने वाली समग्र आर्थिक एवं सामाजिक विकास योजनाएँ थीं. इनका उद्देश्य देश के उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक एवं नियोजित उपयोग कर कृषि, उद्योग, अवसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, गरीबी उन्मूलन तथा सामाजिक न्याय जैसे क्षेत्रों में संतुलित एवं समावेशी

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मुद्रा आपूर्ति (Money Supply) का चित्र जिसमें बैंक, मुद्रा, रुपये का प्रतीक और आर्थिक वृद्धि को दर्शाया गया है।
Economics

मुद्रा आपूर्ति (Money Supply): प्रकार, घटक, महत्व, अवधारणाएँ, निर्धारक व अन्य पहलू

इस लेख में मुद्रा आपूर्ति के महत्व, अवधारणा, मापन, विभिन्न मापों, निर्धारकों, बजट घाटे से संबंध तथा खुली अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव का विस्तार से वर्णन किया गया है. मुद्रा आपूर्ति क्या है (What is Money Supply)? मुद्रा आपूर्ति (Money Supply) से आशय किसी देश की अर्थव्यवस्था में एक निश्चित समय पर जनता के पास

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बिहार में शराबबंदी (Bihar Prohibition) 2016–2026 पर आधारित इन्फोग्राफिक, जिसमें कानून (Law), संशोधन (Amendments), आंकड़े (Statistics), सामाजिक प्रभाव (Social Impact), आर्थिक प्रभाव (Economic Impact) तथा बिहार विधानसभा (Bihar Legislative Assembly) और शराबबंदी (Alcohol Ban) का प्रतीकात्मक चित्र दर्शाया गया है।
Misc GK

बिहार में शराबबंदी, कानून, संशोधन, प्रभाव, विवाद, आंकड़े व अन्य तथ्य

बिहार में शराबबंदी (Liquor Ban in Bihar) पिछले एक दशक की सबसे चर्चित सार्वजनिक नीतियों में से एक है. इसे केवल कानूनी निर्णय नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार के अभियान के रूप में प्रस्तुत किया गया. राज्य सरकार का उद्देश्य शराब के दुष्प्रभावों को कम करना, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाना, घरेलू हिंसा पर अंकुश लगाना और

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बिहार में सिंचाई के साधन, प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं, सरकारी कार्यक्रम, जल प्रबंधन एवं सिंचाई नीति दर्शाता हुआ शैक्षिक इन्फोग्राफिक, जिसमें खेतों की सिंचाई, बिहार का मानचित्र और जल संरक्षण के प्रतीक शामिल हैं।
Misc GK

बिहार में सिंचाई के साधन, परियोजनाएं, सरकारी कार्यक्रम व नीति

बिहार की कृषि मूलतः मानसून-आधारित है, और मानसूनी वर्षा की सबसे बड़ी विशेषता उसकी अनिश्चितता तथा असमान स्थानिक-कालिक वितरण है. राज्य में औसत वार्षिक वर्षा लगभग 1000-1200 मिमी होती है, परंतु इसका लगभग 85 प्रतिशत भाग केवल जून-सितंबर के दक्षिण-पश्चिम मानसून काल में ही प्राप्त होता है, जिससे शेष वर्ष शुष्क बना रहता है. वर्षा

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सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005
Civics

सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005

भारतीय लोकतंत्र का मूल आधार यह है कि सत्ता जनता में निहित है और सरकार जनता के प्रति उत्तरदायी है. यदि नागरिकों को शासन, प्रशासन और सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग से संबंधित जानकारी ही उपलब्ध न हो, तो लोकतांत्रिक उत्तरदायित्व केवल एक सैद्धांतिक आदर्श बनकर रह जाता है. इसलिए सूचना का अधिकार का  लोकतंत्र में

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