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बिहार में शराबबंदी (Bihar Prohibition) 2016–2026 पर आधारित इन्फोग्राफिक, जिसमें कानून (Law), संशोधन (Amendments), आंकड़े (Statistics), सामाजिक प्रभाव (Social Impact), आर्थिक प्रभाव (Economic Impact) तथा बिहार विधानसभा (Bihar Legislative Assembly) और शराबबंदी (Alcohol Ban) का प्रतीकात्मक चित्र दर्शाया गया है।
Misc GK

बिहार में शराबबंदी, कानून, संशोधन, प्रभाव, विवाद, आंकड़े व अन्य तथ्य

बिहार में शराबबंदी (Liquor Ban in Bihar) पिछले एक दशक की सबसे चर्चित सार्वजनिक नीतियों में से एक है. इसे केवल कानूनी निर्णय नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार के अभियान के रूप में प्रस्तुत किया गया. राज्य सरकार का उद्देश्य शराब के दुष्प्रभावों को कम करना, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाना, घरेलू हिंसा पर अंकुश लगाना और […]

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बिहार में सिंचाई के साधन, प्रमुख सिंचाई परियोजनाएं, सरकारी कार्यक्रम, जल प्रबंधन एवं सिंचाई नीति दर्शाता हुआ शैक्षिक इन्फोग्राफिक, जिसमें खेतों की सिंचाई, बिहार का मानचित्र और जल संरक्षण के प्रतीक शामिल हैं।
Misc GK

बिहार में सिंचाई के साधन, परियोजनाएं, सरकारी कार्यक्रम व नीति

बिहार की कृषि मूलतः मानसून-आधारित है, और मानसूनी वर्षा की सबसे बड़ी विशेषता उसकी अनिश्चितता तथा असमान स्थानिक-कालिक वितरण है. राज्य में औसत वार्षिक वर्षा लगभग 1000-1200 मिमी होती है, परंतु इसका लगभग 85 प्रतिशत भाग केवल जून-सितंबर के दक्षिण-पश्चिम मानसून काल में ही प्राप्त होता है, जिससे शेष वर्ष शुष्क बना रहता है. वर्षा

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सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005
Civics

सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005

भारतीय लोकतंत्र का मूल आधार यह है कि सत्ता जनता में निहित है और सरकार जनता के प्रति उत्तरदायी है. यदि नागरिकों को शासन, प्रशासन और सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग से संबंधित जानकारी ही उपलब्ध न हो, तो लोकतांत्रिक उत्तरदायित्व केवल एक सैद्धांतिक आदर्श बनकर रह जाता है. इसलिए सूचना का अधिकार का  लोकतंत्र में

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लॉर्ड विलियम बेंटिक का इन्फोग्राफिक, जिसमें सती प्रथा उन्मूलन (1829), चार्टर एक्ट 1833, अंग्रेजी शिक्षा की शुरुआत (1835), ठगों का दमन तथा प्रशासनिक एवं न्यायिक सुधार दर्शाए गए हैं.
History

लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828-1835): जीवनी, शैक्षणिक, सामाजिक और प्रशासनिक सुधार

लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828-1835) भारत के गवर्नर जनरल थे. उन्हें भारत में सामाजिक सुधारों की शुरुआत करने वाला शासक माना जाता है. उनके कार्यकाल में सती प्रथा का उन्मूलन, अंग्रेजी शिक्षा की शुरुआत, प्रशासनिक सुधार तथा चार्टर एक्ट 1833 जैसे महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए. इसलिए UPSC, SSC, PCS और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में उनसे संबंधित प्रश्न

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आचार्य विनोबा भावे : जीवन और योगदान
History

आचार्य विनोबा भावे और भूदान आंदोलन

विनोबा भावे का पूरा नाम विनायक नरहरि भावे था. उन्हें आचार्य विनोबा भावे के नाम से भी जाना जाता है. वे महाराष्ट्र के चितपावन ब्राह्मण परिवार से संबंध रखते थे. बचपन से ही वे गणित और विज्ञान जैसे विषयों में अत्यंत प्रतिभाशाली थे. उन्हें कई भाषाओं का अच्छा ज्ञान था. 20 वर्ष की आयु में

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होमरूल आंदोलन एवं लखनऊ समझौता | Home Rule League Movement and Lucknow Pact (1916)
History

होमरूल आंदोलन एवं लखनऊ समझौता (1916)

होमरूल आंदोलन को होमरूल लीग आंदोलन भी कहा जाता है. यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक अहम् उत्थान है. इसलिए प्रतियोगी परीक्षार्थियों समेत अन्य शिक्षार्थियों व जनसामान्य को इसका जानकारी होना ऐतिहासिक पहलुओं के समझ के लिए आवश्यक है. तो आइए हम इस आंदोलन के पृष्ठभूमि, अवधारणाएं विकास, प्रभाव और परिणामों का विस्तृत

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ऐतिहासिक कामरूप राज्य : प्राचीन भारत के उत्तर-पूर्व का शक्तिशाली एवं सांस्कृतिक क्षेत्र
History

ऐतिहासिक कामरूप राज्य : प्राचीन भारत के उत्तर-पूर्व का शक्तिशाली एवं सांस्कृतिक क्षेत्र

प्राचीन भारत के इतिहास में कामरूप राज्य (State of Kamrup) का अत्यन्त महत्त्वपूर्ण स्थान है। उत्तर-पूर्व भारत के इतिहास, संस्कृति, धर्म, राजनीति तथा सभ्यता के विकास में इस राज्य की केंद्रीय भूमिका रही है। कामरूप केवल एक सीमांत राज्य नहीं था, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और उत्तर-पूर्व की जनजातीय परम्पराओं के समन्वय का महान केन्द्र

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कांग्रेस का सूरत विभाजन (1907): भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में वैचारिक संघर्ष और राजनीतिक मोड़
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कांग्रेस का सूरत विभाजन (1907): भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में वैचारिक संघर्ष

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रारम्भिक चरण में, जब राष्ट्रवादी चेतना तेज़ी से विकसित हो रही थी और क्रांतिकारी गतिविधियाँ बढ़ रही थीं, दिसंबर 1907 में कांग्रेस का सूरत विभाजन हुआ। यह घटना केवल संगठनात्मक टूट नहीं थी, बल्कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर उदारवादी (नरमपंथी) और उग्रवादी (अतिवादी) विचारधाराओं के गहरे वैचारिक संघर्ष का परिणाम

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बंगाल विभाजन 1905 और ब्रिटिश रणनीति
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बंगाल विभाजन 1905 और ब्रिटिश रणनीति

बंगाल विभाजन लॉर्ड कर्जन के समय की एक बड़ी परिघटना है. लार्ड कर्जन का कार्यकाल भारत मे प्रतिक्रियावादी साम्राज्यवादी चालों के लिए जाना जाता है. कर्जन का दिमाग हर उस मुद्दे की ओर आकर्षित होता था जिससे भारतीय राष्ट्रीयता तथा भारत की अखंडता पर आघात किया जा सके. लार्ड कर्जन ने बंगाल की अखंडता पर

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प्लासी युद्ध: पृष्ठभूमि, कारण, घटनाएं, परिणाम व महत्व | Battle of Plassey Reasons Incidents and Aftermath in HIndi
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प्लासी युद्ध: पृष्ठभूमि, कारण, घटनाएं, परिणाम व महत्व

प्लासी युद्ध के शुरुआत के कई छिपे रहस्य थे. रॉबर्ट क्लाइव, सिराजुद्दौला को बंगाल की गद्दी से उतारने की अपनी योजना को अंतिम रूप देने में लगा हुआ था. उसने नवाब सिराजुद्दौला को एक पत्र लिखा, जिसमें उस पर अलीनगर की संधि (फरवरी 1757) को तोड़ने और फ्रांसीसियों के साथ साठगांठ करने जैसे विभिन्न आरोप

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