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बौद्धकालीन भारत के राज्य, शासन-प्रणाली, अर्थव्यवस्था व समाज
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बौद्धकालीन भारत के राज्य, शासन-प्रणाली, अर्थव्यवस्था व समाज

बौद्धकालीन भारत: भारतीय इतिहास में बुद्ध का आगमन एक क्रान्तिकारी घटना है. उनका जन्म छठी शताब्दी ई.पू. में हुआ था. भारतीय इतिहास में यह काल बुद्ध युग के नाम से विख्यात है. 600 ई.पू. से लेकर 400 ई.पू. तक का काल-खण्ड भारतीय इतिहास का महत्त्वपूर्ण काल-खण्ड है. इस काल-खण्ड में भारत के इतिहास-गगन पर युग […]

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ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव | Effects of the British Rule on the Indian Economy
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ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव | Effects of the British Rule on the Indian Economy

भारत में प्रारंभिक आक्रमणकारियों और ब्रिटिश साम्राज्यवादियों में मुख्य अंतर यह था कि अंग्रेजों के अतिरिक्त किसी अन्य प्रारंभिक आक्रमणकारी ने न ही भारतीय अर्थव्यवस्था की संरचना में परिवर्तन किया और न ही धन की निरंतर निकासी का सिद्धांत अपनाया. भारत में ब्रिटिश शासन के फलस्वरूप भारतीय अर्थव्यवस्था, उपनिवेशी अर्थव्यवस्था में रूपांतरित हो गयी. भारतीय

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छत्रपति शिवाजी महाराज, मराठा साम्राज्य, उत्तराधिकारी व शासन-व्यवस्था
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छत्रपति शिवाजी महाराज, मराठा साम्राज्य, उत्तराधिकारी व शासन-व्यवस्था

छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा मराठा साम्राज्य का निर्माण एक क्रान्तिकारी घटना है. विजयनगर के उत्थान से भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण तत्व आया था. वैसे ही सत्रहवीं सदी के उत्तराद्ध में मराठा शक्ति के उत्थान से हुआ. भारतीय इतिहास के पूर्व मध्य काल में मराठों की राजनैतिक एवं सांस्कृतिक कार्यों में उज्जवल परम्पराएँ थीं. उस

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आर्य समाज व दयानंद सरस्वती: उद्देश्य, सिद्धांत व शुद्धि आंदोलन
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आर्य समाज व दयानंद सरस्वती: उद्देश्य, सिद्धांत व शुद्धि आंदोलन

आर्य समाज (Arya Samaj) हिन्दू धर्म का सुधारवादी आंदोलन था, जिसका मुख्य उद्देश्य प्राचीन वैदिक धर्म की शुद्ध रूप से पुनः स्थापना करना था. इसके संस्थापक दयानंद सरस्वती (1824-83) थे. इनके नेतृत्व में आर्य समाज द्वारा शैक्षिक सुधार, लैंगिक समानता और जातिविहीन समाज पर काम किया. इसने देश में चल रहे सामाजिक सुधार आंदोलनों को

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नेपोलियन बोनापार्ट का इतिहास, उदय, युद्ध, कार्य, पतन और उपलब्धियां
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नेपोलियन बोनापार्ट का इतिहास, उदय, युद्ध, कार्य, पतन और उपलब्धियां

विश्व के महान सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट का जन्म 15 अगस्त सन् 1769 को कोर्सिल द्वीप में हुआ था. नेपोलियन के माता-पिता इटालियन मूल के थे. उसके पिता का नाम कार्लों बोनापार्ट था. कुलीन श्रेणी का परिवार होते हुए भी उसके पास जमीन-जायदाद का अभाव था. नेपोलियन के पिता वकील थे. परिवार मे आठ सन्ताने थी

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राजा राममोहन राय के ब्रह्म समाज का इतिहास, उद्देश्य, सुधार, योगदान व पतन | History, objectives, reforms, contribution and downfall of Raja Ram Mohan Roy's Brahmo Samaj
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राजा राममोहन राय के ब्रह्म समाज का इतिहास, उद्देश्य, सुधार, योगदान व पतन | History, objectives, reforms, contribution and downfall of Raja Ram Mohan Roy’s Brahmo Samaj

राजा राममोहन राय को भारतीय पुनर्जागरण का जनक माना जाता है. वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे. उनके द्वारा स्थापित ब्रह्म समाज आधुनिक पाश्चात्य विचारों पर आधारित था. यह हिन्दू धर्म का पहला सुधार आंदोलन था. एक सुधारवादी के रूप में राजा राममोहन राय, मानवीय प्रतिष्ठा के आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सामाजिक समानता के सिद्धांत

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ब्रिटिश भारत में धार्मिक एवं सामाजिक सुधार आंदोलन | Religious And Social Reform Movement during British Era
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ब्रिटिश भारत में धार्मिक एवं सामाजिक सुधार आंदोलन | Religious And Social Reform Movement during British Era

ब्रिटिश भारत में धार्मिक एवं सामाजिक सुधार आंदोलन: ब्रिटिश शासनकाल में स्थापित नई सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं ने भारतीय समाज के पारंपरिक ढाँचे को गहराई से प्रभावित किया. पुरानी और नई व्यवस्थाओं के बीच टकराव ने समाज के भीतर व्यापक अस्थिरता और परिवर्तन की प्रक्रिया को जन्म दिया. इसी काल में भारत में पाश्चात्य

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मौर्य साम्राज्य का इतिहास (History of Mauryan Empire in Hindi)
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मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire) का इतिहास, प्रशासन और सैन्य व्यवस्था

मौर्य साम्राज्य का इतिहास (History of Mauryan Empire in Hindi): मौर्य साम्राज्य एकीकृत भारत का प्रथम उदाहरण है. चन्द्रगुप्त मौर्य द्वारा स्थापित इस साम्राज्य में बिन्दुसार और सम्राट अशोक जैसे महत्वाकांक्षी शासक हुए, जिन्होंने छोटे-छोटे टुकड़ों में बँटे भारतीय राज्यों को जीतकर एक वृहत भारत का निर्माण किया. इसके बाद मध्यकाल में मुग़ल, फिर अंग्रेज

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खिलाफत और असहयोग आंदोलन | Khilafat Movement And Non-Cooperation Movement
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खिलाफत और असहयोग आंदोलन | Khilafat Movement and Non-Cooperation Movement

1919 से 1922 के मध्य अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध दो सशक्त जनआंदोलन चलाये गये. ये आांदोलन थे- खिलाफत एवं असहयोग आंदोलन. हालांकि ये दोनों आन्दोलन पृथक-पृथक मुद्दों को लेकर प्रारम्भ हुये थे. किन्तु दोनों ने ही संघर्ष के एक ही तरीके राजनीति से प्रत्यक्ष रूप से सम्बद्ध नहीं था. इसने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को प्रोत्साहित

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ब्रिटिश दौर में गवर्नर, गवर्नर जनरल तथा वायसराय | Governor, Governor General and Viceroy during British Era
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ब्रिटिश दौर में गवर्नर, गवर्नर जनरल तथा वायसराय | Governor, Governor General and Viceroy during British Era

ब्रिटिश शासन के दौर में भारत के शासन के लिए भारत में गवर्नर, गवर्नर जनरल तथा वायसराय शीर्ष अधिकारी होते थे. गवर्नर, गवर्नर-जनरल और वायसराय की भूमिकाएँ आपस में समबंधित थीं. फिर भी समय के साथ उनकी शक्तियों और उपाधियों में महत्वपूर्ण बदलाव हुए. गवर्नर (Governor) भारत में ब्रिटिश सत्ता की शुरुआत में, ईस्ट इंडिया

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