Dr Bhimrao Ambedkar

Dr Bhimrao Ambedkar- About Baba Saheb BR Ramji, Father of Indian Constitution, Annihilation of Caste, Lawyer, Barrister, Problem of Rupee, RBI.

सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-34), दांडी मार्च व प्रथम 2 गोलमेज सम्मेलन | Civil Disobedience Movement, Dandi March and the first two Round Table Conferences
History

सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-34), दांडी मार्च व प्रथम 2 गोलमेज सम्मेलन | Civil Disobedience Movement, Dandi March and the first two Round Table Conferences

भारतीय स्वतंत्रता के राष्ट्रीय आंदोलन में सविनय अवज्ञा आंदोलन स्वरणक्षरों में अंकित हैं. इसकी शुरुआत दांडी मार्च से हुई, जिसे नमक सत्याग्रह भी कहा जाता है. यह आंदोलन मोहनदास करमचंद गांधी के नेतृत्व में अहिंसक प्रतिरोध के रूप में प्रारंभ हुआ था. इसका उद्देश्य ब्रिटिश सरकार द्वारा नमक पर लगाए गए एकाधिकार का विरोध करना […]

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साम्प्रदायिक निर्णय, पूना समझौता और गांधी का हरिजन आंदोलन | Communal Award and Poona Pact, 1932 and Harijan Movement of Gandhi
History

साम्प्रदायिक निर्णय, पूना समझौता और गांधी का हरिजन आंदोलन | Communal Award and Poona Pact, 1932 and Harijan Movement of Gandhi

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रेम्जे मेकडोनाल्ड ने 16 अगस्त 1932 को ‘साम्प्रदायिक निर्णय’ की घोषणा की. यह विभिन्न संप्रदायों के प्रतिनिधित्व के विषय पर जारी किया गया था. इसे ही कम्यूनल पंचाट भी कहा जाता हैं. इसके तहत प्रत्येक अल्पसंख्यक समुदाय के लिये विधानमंडलों में कुछ सीटें सुरक्षित रखी गई, जिनके सदस्यों का चुनाव पृथक् निर्वाचक

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ब्रिटिश भारत में धार्मिक एवं सामाजिक सुधार आंदोलन | Religious And Social Reform Movement during British Era
History

ब्रिटिश भारत में धार्मिक एवं सामाजिक सुधार आंदोलन | Religious And Social Reform Movement during British Era

ब्रिटिश भारत में धार्मिक एवं सामाजिक सुधार आंदोलन: ब्रिटिश शासनकाल में स्थापित नई सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं ने भारतीय समाज के पारंपरिक ढाँचे को गहराई से प्रभावित किया. पुरानी और नई व्यवस्थाओं के बीच टकराव ने समाज के भीतर व्यापक अस्थिरता और परिवर्तन की प्रक्रिया को जन्म दिया. इसी काल में भारत में पाश्चात्य

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महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई: आधुनिक राष्ट्र निर्माता
Misc GK

महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई: आधुनिक राष्ट्र निर्माता

महात्मा ज्योतिबा फुले आधुनिक भारत के पहले समाज सुधारक थे, जिन्होंने जातिवादी भेदभाव से पनपे, छुआछूत अशिक्षा और हिन्दू धर्म में फैले अन्य सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने के लिए उल्लेखनीय काम किया था. इन्होंने किसानों की स्थिति सुधारने, शूद्र व अछूत कहे जाने वाले जातियों और महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने का उल्लेखनीय काम

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जब संविधान सभा के एक सत्र में कुल 7,635 संशोधन प्रस्तावित किए गए
Civics History

जब संविधान सभा के एक सत्र में कुल 7,635 संशोधन प्रस्तावित किए गए

 देश के आजाद होने से पहले ही संविधान बनने का कार्य आरम्भ हो चुकी थी. सितम्बर, 1945 में ब्रिटेन में लेबर पार्टी (कंजर्वेटिव पार्टी को हराकर) सत्ता में आई. इस सरकार ने वर्ष 1946 में कैबिनेट मिशन भारत भेजी थी. कैबिनेट मिशन के द्वारा सुझाए गए प्रस्तावों के अनुसार भारतीय संविधान सभा का गठन किया

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