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अफीम युद्ध के कारण और परिणाम
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2 अफीम युद्ध के कारण और परिणाम

यूरोपियन साम्राज्य्वादियों द्वारा चीन में प्रभुत्व स्थापित करने के प्रयासों का परिणाम अफीम युद्ध के रूप में सामने आया. सत्रहवी शताब्दी के दौरान यूरोपीय व्यापारी समस्त विश्व में अपनी शर्तों पर दबाब की राजनीति अपनाकर व्यापार कर रहे थे. लेकिन, यूरोपियों को चीन ने अपनी शर्तों पर व्यापार करने हेतु मजबूर किया. मंचू राजवंश ने […]

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वायसराय के रूप में लॉर्ड कर्जन के सुधार | Reforms by Lord Curzon
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वायसराय के रूप में लॉर्ड कर्जन के सुधार

लॉर्ड कर्जन ने जनवरी,1899 ई. में भारत के वायसराय का पद ग्रहण किया. लॉर्ड कर्जन एक योग्य शासक था. उसके द्वारा किये गये भारतीय समस्याओं से संबंधित आंतरिक प्रशासनिक सुधार इस प्रकार है :- वायसराय के रूप में लॉर्ड कर्जन के सुधार दुर्भिक्ष एवं महामारी की रोकथाम –  लॉर्ड कर्जन ने बडे धैर्य से इनका

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जार अलेक्जेंडर प्रथम की गृह नीति
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जार अलेक्जेंडर प्रथम की गृह नीति, जिसने नेपोलियन को मात दिया

बोल्शेविक क्रांति से पहले रूस में जारशाही कायम था. इसमें जार रूस का शासक (राजा) होता था और उसी के माध्यम से सत्ता संचालित होती थी. इनमें जार अलेक्जेंडर प्रथम का नीति व्यापक प्रभाव वाला साबित हुआ. उसने अन्य जारों से हटकर स्वतंत्र नीति अपनाई और विश्व इतिहास में अमिट छोड़ा. तो आइए इस पृष्ठभूमि

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यूरोप में धर्म सुधार आंदोलन के 4 कारण
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यूरोप में धर्म सुधार आंदोलन के 4 कारण

विज्ञान के विकास के साथ ही पुरातन और धार्मिक मान्यताएं अपना महत्व खोने लगी. इसलिए धर्म की प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए धर्म सुधार आवश्यक था. आधुनिक आविष्कार और औद्योगिक क्रांति यूरोप में आकार ले रहा था. यह धार्मिक कर्मकांडों और मान्यताओं पर प्रहार करने को पर्याप्त था. साथ ही कई दार्शनिक और विचारक लोगों

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नवपाषाण काल की प्रमुख विशेषताएं: औजार, व्यापार व स्थल
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नवपाषाण काल की प्रमुख विशेषताएं: औजार, व्यापार व स्थल

नवपाषाण शब्द उस काल को सूचित करता है जब मनुष्य को धातु के बारे में जानकारी नही थी. परन्तु उसने स्थायी निवास, पशु-पालन, कृषि कर्म, चाक पर निर्मित मृदभांड बनाने शुरू कर दिए थे. इस काल की जलवायु लगभग आज कल के समान थी इसलिए ऐसे पौधे पैदा हुए जो लगभग आज के गेंहू तथा

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सामंतवाद से क्या तात्पर्य है? परिभाषा, उदय और पतन के कारण
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सामंतवाद से क्या तात्पर्य है? परिभाषा, उदय और पतन के कारण

यूरोप और ऐशिया के सामान्यत: मध्यकाल के युग को सामंतवाद कहा जाता है क्योंकि इसका उदय, विकास और हृास इसी काल में हुआ. इस शब्द की विभिन्न परिभाषाएं हैं क्योंकि विभिन्न विद्वानों ने इसकी अलग-अलग व्याख्या की है. इसका प्रयोग ऐतिहासिक विकास की भिन्न-भिन्न अवस्थाओं के सन्दर्भ में किया जाता है और ये अवस्थाएं कालक्रम

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मार्क्सवाद क्या है? प्रमुख विशेषताएं, सिद्धांत, महत्व और आलोचनाएं
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मार्क्सवाद क्या है? प्रमुख विशेषताएं, सिद्धांत, महत्व और आलोचनाएं

मार्क्सवाद क्या है? जर्मन विचारक कार्ल मार्क्स के समाज, अर्थशास्त्र और राजनीति से संबंधित विचारों को सामूहिक रूप में मार्क्सवाद के नाम से जाना जाता है. मार्क्सवादी विचारधारा के जन्मदाता कार्ल मार्क्स 1818-1883 तथा फ्रेडरिक एन्जिल्स 1820-1895 है. इन दोनों विचारको ने इतिहास समाजशास्त्र विज्ञान, अर्थशास्त्र व राजनीति विज्ञान की समस्याओ पर संयुक्त रूप से

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3 आंग्ल-मराठा युद्ध के कारण एवं परिणाम
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3 आंग्ल-मराठा युद्ध के कारण एवं परिणाम

जब मुग़ल कमजोर हो गए तो अंग्रेजों और मराठे अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश करने लगे. इसी का परिणाम आंग्ल-मराठा युद्ध के रूप में सामने आया. दोनों शक्तियों के बीच कुल तीन युद्ध लड़े गए. इनमें मराठों का हार हुआ और पश्चिमी भारत में ब्रिटिश हुकूमत कायम हो गया. प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध (1772 ई. से

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रूसी क्रांति 1917 के कारण और प्रभाव | Bolshevik Revolution of Russia 1917
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रूसी क्रांति 1917 के कारण और प्रभाव

1917 का रूसी क्रांति (लाल या बोल्शेविक क्रांति भी) आधुनिक युग का सबसे युगांतकारी क्रांति है. इसका वैश्विक राजनीति पर आज भी प्रभाव बना हुआ है. इसी क्रांति के बाद सोवियत रूस में साम्यवादी सरकार स्थापित हुआ था. वहीं, इस वक्त के शक्तिशाली पश्चिमी देशों में पूंजीवादी सरकारें थीं. इसलिए दोनों विचारधारा के देशों में

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शीत युद्ध के कारण और इसके प्रभाव | Cold War Reason Impact and Aftermath
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शीत युद्ध के कारण और इसके प्रभाव

शीत युद्ध की अवधारणा का जन्म द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद 1945 में हुआ. यह अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्धों की एक सच्चाई है जो अमेरिका तथा सोवियत संघ के पारस्परिक सम्बन्धों को उजागर करती है. यह द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का एक नया अध्याय है. इसे एक नया अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक विकास का नाम

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