राज्य की नीति-निर्देशक सिद्धान्तों का अर्थ, महत्व व अन्य तथ्य
भारतीय संविधान द्वारा जो मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) नागरिक को प्राप्त हुए हैं, वे बहुत कम हैं और वे पर्याप्त विस्तृत भी नहीं हैं. उनमें कुछ और अधिकार सम्मिलित किये जाने चाहिये थे. इसी अभाव की पूर्ति के लिये भारत के संविधान में राज्य की नीति-निर्देशक सिद्धान्तों का समावेश किया गया. यह भारत के संविधान […]
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