Home » GK & GS[MCQs] भूकंप (Earthquake) पर बहुवैकल्पिक वस्तुनिष्ठ प्रश्न Leave a Comment / By Team PD / July 29, 2026 0% भूकंप (Earthquake)नमस्कार अभ्यर्थियों,यह मॉक टेस्ट (Mock Test) भूकंप (Earthquake) को ध्यान में रखकर लिखा गया हैं.प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प हैं. इनमें एक सही और शेष गलत हैं.इस अभ्यास के लिए 30 मिनट का समय निर्धारित है.निर्धारित समय में टेस्ट समाप्त (Finish) न करने पर यह स्वतः जमा हो जाएगा. 1 / 40हाल के बड़े भूकम्पों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए— भूकम्प | प्रमुख विशेषता 1. म्यांमार, 2025 | सागाइंग भ्रंश 2. तुर्किये–सीरिया, 2023 | 7.8 परिमाण का मुख्य भूकम्प 3. मोरक्को, 2023 | हाई एटलस पर्वतीय क्षेत्र 4. कामचटका, 2025 | कुरिल-कामचटका अधोगमन क्षेत्र उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं? a. केवल एक b. केवल दो c. केवल तीन d. सभी चार उत्तर—(d) व्याख्या: सभी चार युग्म सही हैं. 2025 का म्यांमार भूकम्प सागाइंग भ्रंश पर स्ट्राइक-स्लिप गति से संबंधित था; 2023 का तुर्किये–सीरिया मुख्य भूकम्प 7.8 परिमाण का था; 2023 का मोरक्को भूकम्प हाई एटलस क्षेत्र में आया; जबकि 2025 का 8.8 परिमाण का कामचटका भूकम्प कुरिल-कामचटका अधोगमन क्षेत्र से संबंधित था. ये घटनाएँ यह भी दर्शाती हैं कि विनाश की मात्रा केवल परिमाण पर निर्भर नहीं करती; भूकम्प की गहराई, अधिकेंद्र से दूरी, भवनों की गुणवत्ता, जनसंख्या घनत्व और द्वितीयक आपदाएँ भी महत्त्वपूर्ण होती हैं.2 / 40जुलाई 2025 के कामचटका भूकम्प के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए— 1. इसका परिमाण 8.8 था. 2. इसका संबंध कुरिल-कामचटका अधोगमन क्षेत्र से था. 3. यहाँ प्रशांत प्लेट उत्तर अमेरिकी प्लेट के नीचे अधोगमित हो रही है. 4. इस भूकम्प के बाद प्रशांत महासागर के विभिन्न क्षेत्रों के लिए सुनामी चेतावनियाँ जारी की गईं. उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? a. केवल 1 और 2 b. केवल 1, 2 और 3 c. केवल 2, 3 और 4 d. 1, 2, 3 और 4 उत्तर—(d) व्याख्या: 29 जुलाई, 2025 (UTC) को रूस के कामचटका प्रायद्वीप के अपतटीय क्षेत्र में 8.8 परिमाण का विशाल भूकम्प आया. यह कुरिल-कामचटका अधोगमन क्षेत्र में हुआ, जहाँ प्रशांत प्लेट उत्तर अमेरिकी प्लेट के नीचे अधोगमित होती है. इसने प्रशांत क्षेत्र में व्यापक सुनामी चेतावनियाँ उत्पन्न कीं. USGS के अनुसार यह आधुनिक उपकरणों द्वारा दर्ज छठा सबसे बड़ा भूकम्प था तथा 2011 के जापान भूकम्प के बाद विश्व का सबसे बड़ा भूकम्प था.3 / 401 जनवरी, 2024 को आए शक्तिशाली भूकम्प से जापान का कौन-सा प्रायद्वीप विशेष रूप से प्रभावित हुआ? a. बोसो प्रायद्वीप b. नोटो प्रायद्वीप c. ओशिमा प्रायद्वीप d. सात्सुमा प्रायद्वीप उत्तर—(b) व्याख्या: 1 जनवरी, 2024 को जापान का नोटो प्रायद्वीप (Noto Peninsula) शक्तिशाली भूकम्प से प्रभावित हुआ. जापानी मापन के अनुसार इसका परिमाण लगभग 7.6 था. इससे इशिकावा प्रीफेक्चर सहित आसपास के क्षेत्रों में भवनों, सड़कों और अन्य आधारभूत संरचनाओं को भारी नुकसान हुआ तथा सुनामी भी उत्पन्न हुई. यह घटना जापान की उच्च भूकम्पीय संवेदनशीलता का हाल का प्रमुख उदाहरण है.4 / 402016 के काइकौरा (Kaikōura) भूकम्प की एक प्रमुख भौगोलिक विशेषता क्या थी? a. इससे 10,000 से अधिक भूस्खलन उत्पन्न हुए b. इसके कारण फुकुशीमा परमाणु दुर्घटना हुई c. इससे हिमालय में नई भ्रंश रेखा बनी d. यह अफ्रीकी प्लेट के मध्य भाग में आया था उत्तर—(a) व्याख्या: नवंबर 2016 में न्यूजीलैंड के दक्षिण द्वीप में आए 7.8 परिमाण के काइकौरा भूकम्प ने व्यापक भू-आकृतिक परिवर्तन उत्पन्न किए. इससे लगभग 12,000 वर्ग किमी क्षेत्र में 10,000 से अधिक भूस्खलन हुए. अनेक भूस्खलनों ने घाटियों और नदियों को अवरुद्ध कर अस्थायी झीलें भी बना दीं.5 / 40अगस्त 2021 के हैती भूकम्प के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए— 1. इसका परिमाण 7.2 था. 2. इसने हैती के दक्षिणी प्रायद्वीप को गंभीर रूप से प्रभावित किया. 3. इसके कारण हजारों भूस्खलन हुए. 4. इसके कुछ समय बाद उष्णकटिबंधीय चक्रवात ग्रेस से हुई वर्षा ने स्थिति को और जटिल बनाया. सही उत्तर चुनिए— a. केवल 1 और 2 b. केवल 1, 2 और 3 c. केवल 2, 3 और 4 d. 1, 2, 3 और 4 उत्तर—(d) व्याख्या: 14 अगस्त, 2021 को हैती में 7.2 परिमाण का शक्तिशाली भूकम्प आया. इससे टिब्यूरॉन प्रायद्वीप गंभीर रूप से प्रभावित हुआ. USGS के अध्ययन में भूकम्प और उसके बाद हुई वर्षा से कम-से-कम 4,893 भूस्खलनों की पहचान की गई. इसके बाद उष्णकटिबंधीय चक्रवात ग्रेस से हुई वर्षा ने राहत एवं बचाव कार्यों को और कठिन बना दिया.6 / 402018 के सुलावेसी भूकम्प के बाद इंडोनेशिया का कौन-सा शहर विनाशकारी सुनामी से विशेष रूप से प्रभावित हुआ था? a. जकार्ता b. पालू c. सुराबाया d. मेदान उत्तर—(b) व्याख्या: 28 सितंबर, 2018 को इंडोनेशिया के सुलावेसी क्षेत्र में लगभग 7.5 परिमाण का शक्तिशाली भूकम्प आया. इसके बाद पालू (Palu) तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में विनाशकारी सुनामी आई. यह घटना विशेष रूप से उल्लेखनीय थी क्योंकि प्रमुख भ्रंश गति स्ट्राइक-स्लिप प्रकृति की थी, फिर भी पालू खाड़ी में विनाशकारी सुनामी उत्पन्न हुई. इस घटना के साथ बड़े पैमाने पर द्रवीकरण (Liquefaction) भी देखा गया.7 / 40अप्रैल 2024 में आए ताइवान के शक्तिशाली भूकम्प के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित है? a. ताइपे — 8.8 b. हुलिएन — 7.4 c. काऊशुंग — 6.1 d. ताइनान — 7.9 उत्तर—(b) व्याख्या: 3 अप्रैल, 2024 को ताइवान के पूर्वी तट पर हुलिएन (Hualien) के निकट 7.4 परिमाण का शक्तिशाली भूकम्प आया. यह क्षेत्र में लगभग 25 वर्षों का सबसे शक्तिशाली भूकम्प था. इसके बाद कई शक्तिशाली पश्चात् झटके आए तथा भूस्खलनों और भवनों को क्षति पहुँची.8 / 40सितंबर 2023 में आए विनाशकारी भूकम्प से प्रभावित 'हाई एटलस पर्वत' (High Atlas Mountains) किस देश में स्थित है? a. तुर्किये b. मोरक्को c. अल्जीरिया d. ईरान उत्तर—(b) व्याख्या: 8 सितंबर, 2023 को मोरक्को के हाई एटलस पर्वतीय क्षेत्र में 6.8 परिमाण का शक्तिशाली भूकम्प आया. इसका केंद्र माराकेश से लगभग 75 किमी दक्षिण-पश्चिम में था. भूकम्प की गहराई अपेक्षाकृत कम होने तथा पर्वतीय क्षेत्रों में कई भवनों के भूकम्परोधी न होने के कारण व्यापक क्षति हुई.9 / 406 फरवरी, 2023 को तुर्किये और सीरिया में आए विनाशकारी भूकम्प के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? a. मुख्य भूकम्प का परिमाण 6.2 था b. मुख्य भूकम्प के लगभग 9 घंटे बाद 7.5 परिमाण का एक और शक्तिशाली भूकम्प आया c. भूकम्प का केंद्र भूमध्य सागर के मध्य में था d. इससे केवल तुर्किये प्रभावित हुआ था उत्तर—(b) व्याख्या: 6 फरवरी, 2023 को दक्षिण-मध्य तुर्किये में सीरिया की सीमा के निकट 7.8 परिमाण का अत्यंत विनाशकारी भूकम्प आया. लगभग 11 मिनट बाद 6.7 का शक्तिशाली झटका तथा करीब 9 घंटे बाद 7.5 परिमाण का दूसरा बड़ा भूकम्प आया. इस भूकम्प-क्रम में तुर्किये और सीरिया में व्यापक विनाश हुआ तथा मार्च 2023 के अंत तक मृतकों की संख्या 57,000 से अधिक हो चुकी थी.10 / 40मार्च 2025 में म्यांमार में आए विनाशकारी भूकम्प के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए— 1. इसकी तीव्रता (Magnitude) 7.7 थी. 2. इसका संबंध सागाइंग भ्रंश (Sagaing Fault) से था. 3. यह मुख्यतः स्ट्राइक-स्लिप भ्रंशन (Strike-slip Faulting) से उत्पन्न हुआ था. 4. इसका अधिकेंद्र बंगाल की खाड़ी में स्थित था. उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? a. केवल 1 और 2 b. केवल 1, 2 और 3 c. केवल 2, 3 और 4 d. 1, 2, 3 और 4 उत्तर—(b) व्याख्या: 28 मार्च, 2025 को म्यांमार में 7.7 परिमाण का शक्तिशाली भूकम्प आया. यह उथला भूकम्प था और इसका संबंध सागाइंग भ्रंश पर हुए दाएँ-पार्श्वीय स्ट्राइक-स्लिप विस्थापन से था. भूकम्प ने सागाइंग-मांडले क्षेत्र को गंभीर रूप से प्रभावित किया और इसके झटके थाईलैंड सहित आसपास के देशों में भी महसूस किए गए. बाद के अध्ययनों में लगभग 475 किमी लंबे सतही भ्रंश का पता चला.11 / 40निम्नलिखित में से कौन-सा समूह केवल लघु विवर्तनिक प्लेटों का प्रतिनिधित्व करता है? a. कोकोस प्लेट, नाज़्का प्लेट और फिलीपीन प्लेट b. प्रशांत प्लेट, यूरेशियन प्लेट और अफ्रीकी प्लेट c. उत्तर अमेरिकी प्लेट, दक्षिण अमेरिकी प्लेट और प्रशांत प्लेट d. अफ्रीकी प्लेट, अंटार्कटिक प्लेट और इंडो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट उत्तर—(a) व्याख्या: नोट्स में प्रमुख प्लेटों के अतिरिक्त कई लघु प्लेटों का उल्लेख है. इनमें कोकोस प्लेट, नाज़्का प्लेट, अरबियन प्लेट, फिलीपीन प्लेट, कैरेबियन प्लेट और फिजी प्लेट आदि शामिल हैं. इसके विपरीत प्रशांत, यूरेशियन, अफ्रीकी, उत्तर अमेरिकी और दक्षिण अमेरिकी प्लेटें पृथ्वी की प्रमुख विवर्तनिक प्लेटों में गिनी जाती हैं.12 / 40भारतीय उपमहाद्वीप के भूकम्पीय क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा क्षेत्र तुलनात्मक रूप से अधिक सक्रिय है? a. प्रायद्वीपीय भारत का स्थिर आंतरिक भाग b. हिमालयी क्षेत्र c. दक्कन का पठारी आंतरिक भाग d. पश्चिमी राजस्थान का स्थिर भाग उत्तर—(b) व्याख्या: हिमालयी क्षेत्र भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के अभिसरण से प्रभावित है. प्लेटों की निरंतर गति और संपीडन के कारण यहाँ भ्रंशों पर तनाव उत्पन्न होता रहता है. इसलिए हिमालय तथा उससे जुड़े उत्तर और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र भारत के प्रमुख भूकम्प-प्रवण क्षेत्रों में शामिल हैं.13 / 40मध्य-महाद्वीपीय भूकम्प पेटी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही है? a. आल्प्स–हिमालय b. एंडीज–रॉकी c. जापान–फिलीपींस d. हवाई–आइसलैंड उत्तर—(a) व्याख्या: मध्य-महाद्वीपीय पेटी (Mid-Continental Belt) मुख्यतः भूमध्यसागरीय क्षेत्र से होकर आल्प्स, काकेशस, हिमालय आदि नवीन वलित पर्वतीय क्षेत्रों तक विस्तृत है. यह क्षेत्र विभिन्न प्लेटों के अभिसरण और टकराव से संबंधित होने के कारण भूकम्पीय दृष्टि से सक्रिय है.14 / 40विश्व की भूकम्पीय पेटियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए— 1. परिप्रशांत पेटी विश्व की सबसे प्रमुख भूकम्पीय पेटी है. 2. मध्य-महाद्वीपीय पेटी में हिमालय और आल्प्स जैसे क्षेत्र सम्मिलित हैं. 3. मध्य-अटलांटिक पेटी अपसारी प्लेट सीमा से संबंधित है. उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? a. केवल 1 और 2 b. केवल 2 और 3 c. केवल 1 और 3 d. 1, 2 और 3 उत्तर—(d) व्याख्या: नोट्स में विश्व के भूकम्पों को तीन प्रमुख पेटियों से संबद्ध किया गया है—परिप्रशांत पेटी, मध्य-महाद्वीपीय पेटी और मध्य-अटलांटिक पेटी. परिप्रशांत क्षेत्र विश्व का सर्वाधिक सक्रिय भूकम्पीय क्षेत्र है. मध्य-महाद्वीपीय पेटी में हिमालय एवं आल्प्स जैसे नवीन वलित पर्वतीय क्षेत्र आते हैं, जबकि मध्य-अटलांटिक क्षेत्र अपसारी प्लेट सीमाओं और समुद्र-तल प्रसरण से संबंधित है.15 / 40भूकम्पीय छाया क्षेत्र के अध्ययन से पृथ्वी के बारे में मुख्यतः क्या जानकारी प्राप्त होती है? a. पृथ्वी के अक्षीय झुकाव की b. पृथ्वी की आंतरिक संरचना की c. महासागरीय लवणता की d. पृथ्वी की परिक्रमण गति की उत्तर—(b) व्याख्या: P और S तरंगों के पृथ्वी के भीतर अलग-अलग व्यवहार तथा उनके छाया क्षेत्रों के अध्ययन से पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है. विशेष रूप से S-तरंगों का बाह्य क्रोड से न गुजरना तथा P-तरंगों का अपवर्तन पृथ्वी के क्रोड की प्रकृति समझने में सहायक है. PDF के भूकम्पीय छाया क्षेत्र वाले चित्र में भी P एवं S तरंगों के अलग-अलग छाया क्षेत्रों को दर्शाया गया है.16 / 40भूकम्प के परिमाण (Magnitude) और तीव्रता (Intensity) के बीच मूलभूत अंतर क्या है? a. परिमाण प्रभाव को और तीव्रता ऊर्जा को व्यक्त करती है b. दोनों पूर्णतः समान अवधारणाएँ हैं c. परिमाण मुक्त ऊर्जा से संबंधित है, जबकि तीव्रता किसी स्थान पर उसके प्रभाव को व्यक्त करती है d. परिमाण केवल समुद्री भूकम्पों के लिए प्रयुक्त होता है उत्तर—(c) व्याख्या: परिमाण (Magnitude) भूकम्प के स्रोत पर मुक्त ऊर्जा से संबंधित माप है, जबकि तीव्रता (Intensity) किसी विशेष स्थान पर भूकम्प के अनुभव किए गए प्रभाव अथवा उससे हुई क्षति को व्यक्त करती है. नोट्स में भूकम्प के परिमाण के लिए रिक्टर स्केल तथा तीव्रता के लिए संशोधित मरकेली स्केल का उल्लेख किया गया है.17 / 40किसी भूकम्प का परिमाण रिक्टर पैमाने पर 5 से बढ़कर 7 हो जाता है. भूकम्पीय तरंगों के आयाम में लगभग कितनी वृद्धि होगी? a. 10 गुना b. 20 गुना c. 100 गुना d. 1,000 गुना उत्तर—(c) व्याख्या: रिक्टर पैमाना लघुगणकीय है. इसमें परिमाण में प्रत्येक 1 अंक की वृद्धि भूकम्पीय तरंगों के आयाम में लगभग 10 गुना वृद्धि दर्शाती है. अतः 5 से 7 अर्थात् 2 अंकों की वृद्धि होने पर आयाम लगभग (10^2 = 100) गुना हो जाएगा.18 / 40भूकम्प के 'उद्गम केंद्र' (Focus) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? a. यह पृथ्वी की सतह पर स्थित वह स्थान है जहाँ सर्वाधिक क्षति होती है b. यह पृथ्वी के भीतर वह स्थान है जहाँ से भूकम्पीय ऊर्जा मुक्त होती है c. यह केवल महासागरों के नीचे पाया जाता है d. यह P-तरंगों के छाया क्षेत्र का दूसरा नाम है उत्तर—(b) व्याख्या: पृथ्वी के भीतर जिस स्थान से भूकम्पीय ऊर्जा मुक्त होकर तरंगों के रूप में चारों ओर फैलती है, उसे भूकम्प मूल, उद्गम केंद्र अथवा Focus (Hypocentre) कहते हैं. इसके ठीक ऊपर धरातल पर स्थित बिंदु को अधिकेंद्र (Epicentre) कहा जाता है.19 / 40निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता धरातलीय भूकम्पीय तरंगों से संबंधित है? a. ये केवल पृथ्वी के क्रोड से होकर गुजरती हैं b. इनका प्रभाव केवल भूकम्प के उद्गम केंद्र तक सीमित रहता है c. ये धरातल पर सर्वाधिक विनाशकारी प्रभाव उत्पन्न करती हैं d. इनकी गति सभी भूकम्पीय तरंगों से अधिक होती है उत्तर—(c) व्याख्या: धरातलीय या सतही तरंगें पृथ्वी के धरातलीय भाग में संचरित होती हैं. इनकी गति P और S तरंगों की तुलना में कम होती है, लेकिन इनका आयाम अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है. इसी कारण धरातलीय तरंगें सामान्यतः सर्वाधिक विनाशकारी होती हैं और भवनों एवं अन्य संरचनाओं को व्यापक क्षति पहुँचा सकती हैं.20 / 40भूकम्पीय तरंगों के संचरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम सही है? a. P-तरंग → S-तरंग → धरातलीय तरंग b. S-तरंग → P-तरंग → धरातलीय तरंग c. धरातलीय तरंग → P-तरंग → S-तरंग d. P-तरंग → धरातलीय तरंग → S-तरंग उत्तर—(a) व्याख्या: P-तरंगों की गति सर्वाधिक होने के कारण वे भूकम्पलेखी केंद्र पर सबसे पहले पहुँचती हैं. इसके बाद S-तरंगें पहुँचती हैं. धरातलीय तरंगों की गति सबसे कम होती है, इसलिए वे सबसे अंत में पहुँचती हैं. अतः सही क्रम P → S → धरातलीय तरंग है.21 / 40S-तरंगों का पृथ्वी के बाह्य क्रोड से होकर न गुजर पाना मुख्यतः किस तथ्य की ओर संकेत करता है? a. बाह्य क्रोड अत्यधिक ठंडा है b. बाह्य क्रोड गैसीय अवस्था में है c. बाह्य क्रोड द्रव अवस्था में है d. बाह्य क्रोड पूर्णतः ठोस है उत्तर—(c) व्याख्या: S-तरंगें केवल ठोस माध्यम से संचरित होती हैं और द्रव माध्यम से नहीं गुजर सकतीं. पृथ्वी के बाह्य क्रोड में S-तरंगों का संचरण न होना उसके द्रव अवस्था में होने का महत्त्वपूर्ण प्रमाण है. भूकम्पीय तरंगों के अध्ययन ने पृथ्वी की आंतरिक संरचना को समझने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है.22 / 40निम्नलिखित में से किस भूकम्पीय तरंग की गति सर्वाधिक होती है? a. S-तरंग b. L-तरंग c. P-तरंग d. रेले तरंग उत्तर—(c) व्याख्या: P-तरंगें (Primary Waves) सबसे तेज गति से संचरित होने वाली भूकम्पीय तरंगें हैं. इसी कारण ये भूकम्पलेखी केंद्र पर सबसे पहले पहुँचती हैं. इनके बाद S-तरंगें तथा अंत में धरातलीय तरंगें पहुँचती हैं. P-तरंगों को प्राथमिक तरंगें कहे जाने का एक कारण उनका सबसे पहले दर्ज होना भी है.23 / 40भूकम्पीय तरंगों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए— 1. P-तरंगें ठोस, द्रव और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं. 2. S-तरंगें केवल ठोस माध्यम से गुजर सकती हैं. 3. धरातलीय तरंगों का संचरण पृथ्वी के आंतरिक भाग से होता है. उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं? a. केवल 1 और 2 b. केवल 2 और 3 c. केवल 1 और 3 d. 1, 2 और 3 उत्तर—(a) व्याख्या: P और S तरंगें आंतरिक या कायिक तरंगें (Body Waves) हैं. P-तरंगें ठोस, द्रव और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि S-तरंगें केवल ठोस माध्यम में संचरित होती हैं. धरातलीय तरंगें पृथ्वी के आंतरिक भाग के बजाय धरातलीय भाग में संचरित होती हैं. अतः कथन 1 और 2 सही हैं.24 / 40कोकोस प्लेट किनके मध्य पाई जाती है? a. मध्य अमेरिका तथा प्रशांत प्लेट b. दक्षिण अमेरिका तथा प्रशांत प्लेट c. लाल सागर तथा फारस की खाड़ी d. एशियाई प्लेट तथा प्रशांत प्लेट उत्तर—(a) व्याख्या: कोकोस प्लेट (Cocos Plate) पूर्वी प्रशांत महासागर में मध्य अमेरिका के पश्चिमी तट के समीप स्थित एक लघु महासागरीय प्लेट है. इसके पश्चिम में प्रशांत प्लेट तथा पूर्व में मध्य अमेरिकी क्षेत्र के समीप कैरेबियन प्लेट स्थित है. कोकोस प्लेट का कैरेबियन प्लेट के नीचे अधोगमन मध्य अमेरिका में सक्रिय ज्वालामुखीयता एवं भूकम्पों का एक प्रमुख कारण है.25 / 40पृथ्वी की सतह पर वह स्थान जो भूकम्प के उद्गम केंद्र के ठीक ऊपर स्थित होता है, कहलाता है— a. केंद्र b. अधिकेंद्र c. सीस्मोसाइट d. उपर्युक्त में से कोई नहीं उत्तर—(b) व्याख्या: अधिकेंद्र (Epicentre) पृथ्वी की सतह पर वह बिंदु है जो पृथ्वी के भीतर स्थित भूकम्प के उद्गम केंद्र (Focus/Hypocentre) के ठीक ऊपर होता है. उद्गम केंद्र से निकलने वाली भूकम्पीय तरंगें सामान्यतः धरातल पर सबसे पहले अधिकेंद्र के निकट पहुँचती हैं.26 / 40पृथ्वी की सतह का वह बिंदु, जहाँ भूकम्पीय तरंगें सर्वप्रथम पहुँचती हैं, कहलाता है— a. भूकम्प मूल b. अधिकेंद्र c. सीस्मोसाइट d. उपर्युक्त में से कोई नहीं उत्तर—(b) व्याख्या: पृथ्वी के भीतर जिस स्थान से भूकम्पीय ऊर्जा मुक्त होना प्रारंभ होती है, उसे भूकम्प मूल या उद्गम केंद्र (Focus/Hypocentre) कहते हैं. इसके ठीक ऊपर पृथ्वी की सतह पर स्थित बिंदु अधिकेंद्र (Epicentre) कहलाता है. सामान्यतः भूकम्पीय तरंगें धरातल पर सबसे पहले अधिकेंद्र के आसपास पहुँचती हैं.27 / 40भारतीय उपमहाद्वीप का उत्तर-पश्चिमी प्रदेश भूकम्प-प्रवण है, जिसका प्रमुख कारण है— a. ज्वालामुखीय क्रिया b. प्लेट विवर्तनिक क्रिया c. प्रवाल निर्माण की क्रिया d. उपर्युक्त सभी उत्तर—(b) व्याख्या: भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर एवं उत्तर-पश्चिमी भाग की उच्च भूकम्पीय सक्रियता का प्रमुख कारण भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट का अभिसरण एवं टकराव है. भारतीय प्लेट लगातार उत्तर की ओर बढ़ रही है और यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है. इसी विवर्तनिक प्रक्रिया से हिमालय का निर्माण हुआ तथा यह क्षेत्र आज भी भूकम्पीय दृष्टि से अत्यधिक सक्रिय है.28 / 40जापान के किस क्षेत्र ने विध्वंसकारी सुनामी एवं नाभिकीय विकिरण संकट का सामना किया था? a. हिरोशिमा b. टोक्यो c. फुकुशीमा d. कोबे उत्तर—(c) व्याख्या: 11 मार्च, 2011 को जापान के तोहोकू क्षेत्र के निकट शक्तिशाली भूकम्प आया, जिसके बाद विनाशकारी सुनामी उत्पन्न हुई. सुनामी से फुकुशीमा दाइची परमाणु विद्युत संयंत्र गंभीर रूप से प्रभावित हुआ और वहाँ परमाणु दुर्घटना तथा रेडियोधर्मी पदार्थों के उत्सर्जन की स्थिति उत्पन्न हुई. इसे फुकुशीमा परमाणु दुर्घटना के नाम से जाना जाता है.29 / 40वर्ष 2004 के हिंद महासागरीय भूकम्प तथा उससे उत्पन्न सुनामी के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है? a. सुण्डा खाई में भारतीय प्लेट के बर्मी प्लेट से अधोगमन वाले क्षेत्र में लगभग 1,200 किमी भ्रंश क्षेत्र में हुए बड़े विस्थापन के कारण इस भूकम्प की उत्पत्ति हुई. b. परिणामी सुनामी ने इंडोनेशिया के तट से अफ्रीका के पूर्वी तट तक व्यापक विनाश किया. c. भूकम्पजनित सुनामी ने 50 लाख से अधिक लोगों की जान ले ली. d. बांग्लादेश में अपेक्षाकृत बहुत कम लोग हताहत हुए क्योंकि सुनामी की सर्वाधिक ऊर्जा मुख्यतः अन्य दिशाओं में प्रसारित हुई. उत्तर—(c) व्याख्या: 26 दिसंबर, 2004 को सुमात्रा के निकट हिंद महासागर में आए अत्यंत शक्तिशाली समुद्रतलीय भूकम्प से विनाशकारी सुनामी उत्पन्न हुई. इससे हिंद महासागर से लगे अनेक देशों में लगभग 2.3 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु अथवा लापता होने की सूचना मिली. इसलिए 50 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु वाला कथन अत्यधिक गलत है.30 / 40'सुनामी' शब्द किस भाषा से संबंधित है? a. अरबी b. जापानी c. हिब्रू d. लैटिन उत्तर—(b) व्याख्या: सुनामी (Tsunami) जापानी भाषा का शब्द है. जापानी भाषा में 'Tsu' का अर्थ 'बंदरगाह' तथा 'Nami' का अर्थ 'लहर' होता है. इस प्रकार इसका शाब्दिक अर्थ 'बंदरगाह की लहर' है. सुनामी मुख्यतः समुद्र-तल में अचानक हुए बड़े विस्थापन, विशेषकर समुद्र के नीचे आए शक्तिशाली भूकम्प, से उत्पन्न होती है.31 / 40निम्नलिखित में से किस यंत्र का प्रयोग भूकम्पीय तरंगों के मापन के लिए किया जाता है? a. सिस्मोग्राम b. सिस्मोग्राफ c. सिस्मोस्कोप d. सिस्मोमीटर उत्तर—(b) व्याख्या: परंपरागत रूप से सिस्मोग्राफ (Seismograph) उस उपकरण को कहा जाता है जो भूकम्पीय तरंगों का पता लगाकर उनका अभिलेखन करता है. सिस्मोग्राम (Seismogram) उपकरण नहीं, बल्कि भूकम्पीय तरंगों का प्राप्त अभिलेख है. आधुनिक उपकरणों के संदर्भ में सिस्मोमीटर (Seismometer) शब्द भी व्यापक रूप से प्रयुक्त होता है.32 / 40सिस्मोमीटर मापता है— a. हृदय गति b. पेड़ों की ऊँचाई c. भूकम्प d. उपर्युक्त में से कोई नहीं उत्तर—(c) व्याख्या: सिस्मोमीटर (Seismometer) पृथ्वी में उत्पन्न भूकम्पीय कंपन अथवा भूगति को मापने वाला उपकरण है. इससे प्राप्त अभिलेख को सिस्मोग्राम (Seismogram) कहा जाता है. आधुनिक भूकम्प विज्ञान में सिस्मोमीटर भूकम्पीय तरंगों के मापन का प्रमुख उपकरण है.33 / 40भूकम्प की तीव्रता का मापन किया जाता है— a. रिक्टर पैमाने पर b. केल्विन पैमाने पर c. डेसीबल में d. पास्कल में उत्तर—(a) व्याख्या: दिए गए विकल्पों के अनुसार उत्तर (a) है, किंतु तकनीकी दृष्टि से रिक्टर पैमाना भूकम्प के परिमाण (Magnitude) को व्यक्त करता है. भूकम्प के प्रभाव अथवा तीव्रता (Intensity) को मरकेली मापक्रम द्वारा व्यक्त किया जाता है. केल्विन तापमान, डेसीबल ध्वनि-स्तर तथा पास्कल दाब की इकाई है.34 / 40रिक्टर पैमाने का उपयोग किसके मापन के लिए किया जाता है? a. भूकम्प की तीव्रता b. समुद्र की गहराई c. अंतरिक्ष यान का वेग d. किसी भवन की ऊँचाई उत्तर—(a) व्याख्या: दिए गए विकल्पों के अनुसार उत्तर (a) अपेक्षित है. हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से रिक्टर पैमाना भूकम्प की तीव्रता (Intensity) नहीं, बल्कि उसके परिमाण (Magnitude) को व्यक्त करता है. भूकम्प की तीव्रता को मरकेली जैसे मापक्रमों से व्यक्त किया जाता है. अतः प्रश्न में प्रयुक्त 'तीव्रता' शब्द को यहाँ सामान्य अर्थ में समझना चाहिए.35 / 40भूकम्प के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए— 1. भूकम्प की तीव्रता को मरकेली स्केल पर मापा जाता है. 2. भूकम्प का मैग्नीट्यूड विमुक्त ऊर्जा की माप है. 3. भूकम्प का मैग्नीट्यूड भूकम्पीय तरंगों के आयाम के मापन पर आधारित होता है. 4. रिक्टर स्केल में प्रत्येक पूर्णांक विमुक्त ऊर्जा में सौ गुना वृद्धि को प्रदर्शित करता है. इन कथनों में से कौन-कौन से सही हैं? a. 1, 2 और 3 b. 2, 3 और 4 c. 1 और 4 d. 1 और 3 उत्तर—(a) व्याख्या: भूकम्प की तीव्रता (Intensity) को संशोधित मरकेली मापक्रम (Modified Mercalli Intensity Scale) द्वारा व्यक्त किया जा सकता है, जबकि परिमाण (Magnitude) भूकम्प से मुक्त ऊर्जा से संबंधित होता है. पारंपरिक रिक्टर परिमाण भूकम्पीय तरंगों के अभिलिखित आयाम पर आधारित है. रिक्टर पैमाने पर परिमाण में 1 अंक की वृद्धि लगभग 10 गुने आयाम तथा लगभग 32 गुनी ऊर्जा वृद्धि को दर्शाती है. अतः कथन 4 गलत है.36 / 40निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए— 1. रिक्टर स्केल एक लघुगणकीय मापक्रम है तथा इसके फलस्वरूप परिमाण में 1 की वृद्धि भूकम्पीय तरंगों के आयाम में 10 गुना वृद्धि को निरूपित करती है. 2. रिक्टर स्केल में प्रत्येक पूर्णांक पठन पर ऊर्जा पूर्ववर्ती पूर्णांक पठन की ऊर्जा से 100 गुना होती है. उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? a. केवल 1 b. केवल 2 c. दोनों 1 तथा 2 d. न तो 1 और न ही 2 उत्तर—(a) व्याख्या: रिक्टर परिमाण मापक्रम लघुगणकीय (Logarithmic) है. इसमें परिमाण में 1 अंक की वृद्धि भूकम्पीय तरंगों के दर्ज आयाम में लगभग 10 गुना वृद्धि को दर्शाती है. वहीं मुक्त होने वाली ऊर्जा लगभग 31.6 अथवा 32 गुना बढ़ जाती है, न कि 100 गुना. अतः केवल कथन 1 सही है.37 / 40'रिंग ऑफ फायर' संबंधित है— 1. भूकम्प से 2. ज्वालामुखी से 3. प्रशांत महासागर से 4. जंगल की आग से कूट: a. 1, 2 और 3 b. 2 और 3 c. 2 और 4 d. 1, 2, 3 और 4 उत्तर—(a) व्याख्या: 'प्रशांत अग्नि वलय' (Pacific Ring of Fire) प्रशांत महासागर के चारों ओर विस्तृत अत्यधिक भूकम्पीय एवं ज्वालामुखीय सक्रियता वाला क्षेत्र है. यह मुख्यतः विभिन्न विवर्तनिक प्लेटों की सीमाओं, विशेषकर अधोगमन क्षेत्रों (Subduction Zones), से संबंधित है. विश्व के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी तथा बड़ी संख्या में भूकम्प इसी क्षेत्र में पाए जाते हैं. इसका जंगल की आग से कोई संबंध नहीं है.38 / 40'भूकम्पीय छाया क्षेत्र' से संबंधित निम्नलिखित कथनों को पढ़िए तथा सही विकल्प चुनिए— कथन I: एक भूकम्प का छाया क्षेत्र दूसरे भूकम्प के छाया क्षेत्र से सर्वथा भिन्न होता है. कथन II: भूकम्पलेखी, भूकम्प अधिकेंद्र से 105° के बाहर किसी भी दूरी पर P एवं S दोनों तरंगों का अभिलेखन करते हैं. a. कथन I एवं कथन II दोनों सही हैं b. कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है c. कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है d. कथन I एवं कथन II दोनों गलत हैं उत्तर—(b) व्याख्या: भूकम्प के अधिकेंद्र से लगभग 105° से 145° की कोणीय दूरी वाला क्षेत्र सामान्यतः P-तरंगों का छाया क्षेत्र माना जाता है. S-तरंगें पृथ्वी के बाह्य क्रोड के तरल होने के कारण उससे होकर नहीं गुजर सकतीं; इसलिए लगभग 105° के बाद उनका अभिलेखन नहीं होता. अतः कथन-II गलत है. भूकम्पीय छाया क्षेत्र की स्थिति भूकम्प के अधिकेंद्र के सापेक्ष निर्धारित होती है, इसलिए अलग-अलग अधिकेंद्र वाले भूकम्पों के छाया क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति भी अलग होती है.39 / 40भूकम्प के दौरान तीन प्रकार की भूकम्पीय तरंगें उत्पन्न होती हैं— a. बी.एस.एल. b. ए.बी.एल. c. आर.एस.एल. d. पी.एस.एल. उत्तर—(d) व्याख्या: भूकम्पीय तरंगों को सामान्यतः तीन प्रमुख वर्गों में बाँटा जाता है—P-तरंगें (Primary Waves), S-तरंगें (Secondary Waves) तथा धरातलीय या सतही तरंगें (Surface/L Waves). P और S तरंगें भूगर्भ से होकर संचरित होने के कारण आंतरिक या कायिक तरंगें (Body Waves) कहलाती हैं, जबकि L-तरंगें पृथ्वी की सतह के साथ संचरित होती हैं. अतः इन्हें सामूहिक रूप से P, S और L तरंगें कहा जाता है.40 / 40निम्नलिखित कथनों के आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए— कथन (I): प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonics) का सिद्धांत 1967 में एच. एच. हेस ने दिया था. कथन (II): प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत समुद्र-तल प्रसरण सिद्धांत पर आधारित है. a. कथन-I एवं कथन-II दोनों सत्य हैं b. कथन-I एवं कथन-II दोनों असत्य हैं c. कथन-I सत्य है, परंतु कथन-II असत्य है d. कथन-I असत्य है, परंतु कथन-II सत्य है उत्तर—(d) व्याख्या: प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत किसी एक वैज्ञानिक द्वारा किसी एक वर्ष में प्रतिपादित नहीं किया गया था, बल्कि इसका विकास 1960 के दशक में अनेक वैज्ञानिकों के योगदान से हुआ. हैरी हेस ने मुख्यतः समुद्र-तल प्रसरण (Sea-floor Spreading) की अवधारणा को विकसित किया था. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत के विकास में जे. टुजो विल्सन, डब्ल्यू. जे. मॉर्गन, डैन मैकेन्जी, रॉबर्ट पार्कर आदि वैज्ञानिकों का भी महत्त्वपूर्ण योगदान रहा. यह सिद्धांत महाद्वीपीय विस्थापन तथा समुद्र-तल प्रसरण जैसी पूर्ववर्ती अवधारणाओं से विकसित हुआ. अतः कथन-I असत्य, जबकि कथन-II सत्य है.Your score isThe average score is 0% 0% Restart quiz FAV US ON Google और पढ़ेंSpread the love! इन्हें भी पढ़ें भारत की राजधानियाँ (Capitals of India) महत्वपूर्ण आर्थिक शब्दावली और परिभाषाओं पर प्रश्नोत्तरी विश्व के प्रमुख द्वीप समूह पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी