Free BPSC 72nd Prelims Mock Test Series 2026, FLT – 03 [Bilingual]
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BPSC 72nd Prelims 2026 Mock Test Series | Free Practice Sets | Piyadassi 🔥 Free Mock Test Series 2026 BPSC 72nd Prelims 2026Mock Test Series 15 carefully crafted practice sets — Full Length, Bihar Special & Current Affairs — prepared by qualified BPSC educators and successful aspirants. 15Mock Tests 10Full Length 3Bihar Special 2Current Affairs
BPSC 72nd Prelims 2026 Mock Test Series : 15 Free Practice Sets Read More »
हम जानते हैं कि किसी धातु के भीतर बड़ी संख्या में मुक्त इलेक्ट्रॉन उपस्थित रहते हैं. सामान्य अवस्था में ये इलेक्ट्रॉन अनियमित (Random) गति करते रहते हैं. इस कारण इनकी कुल गति किसी एक निश्चित दिशा में नहीं होती और धातु में विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती. जब किसी चालक (Conductor) के सिरों के बीच
विद्युत धारा (Electric Current) क्या है? प्रकार, प्रभाव और उपयोग Read More »
लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828-1835) भारत के गवर्नर जनरल थे. उन्हें भारत में सामाजिक सुधारों की शुरुआत करने वाला शासक माना जाता है. उनके कार्यकाल में सती प्रथा का उन्मूलन, अंग्रेजी शिक्षा की शुरुआत, प्रशासनिक सुधार तथा चार्टर एक्ट 1833 जैसे महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए. इसलिए UPSC, SSC, PCS और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में उनसे संबंधित प्रश्न
लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828-1835): जीवनी, शैक्षणिक, सामाजिक और प्रशासनिक सुधार Read More »
विनोबा भावे का पूरा नाम विनायक नरहरि भावे था. उन्हें आचार्य विनोबा भावे के नाम से भी जाना जाता है. वे महाराष्ट्र के चितपावन ब्राह्मण परिवार से संबंध रखते थे. बचपन से ही वे गणित और विज्ञान जैसे विषयों में अत्यंत प्रतिभाशाली थे. उन्हें कई भाषाओं का अच्छा ज्ञान था. 20 वर्ष की आयु में
होमरूल आंदोलन को होमरूल लीग आंदोलन भी कहा जाता है. यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का एक अहम् उत्थान है. इसलिए प्रतियोगी परीक्षार्थियों समेत अन्य शिक्षार्थियों व जनसामान्य को इसका जानकारी होना ऐतिहासिक पहलुओं के समझ के लिए आवश्यक है. तो आइए हम इस आंदोलन के पृष्ठभूमि, अवधारणाएं विकास, प्रभाव और परिणामों का विस्तृत
प्राचीन भारत के इतिहास में कामरूप राज्य (State of Kamrup) का अत्यन्त महत्त्वपूर्ण स्थान है। उत्तर-पूर्व भारत के इतिहास, संस्कृति, धर्म, राजनीति तथा सभ्यता के विकास में इस राज्य की केंद्रीय भूमिका रही है। कामरूप केवल एक सीमांत राज्य नहीं था, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और उत्तर-पूर्व की जनजातीय परम्पराओं के समन्वय का महान केन्द्र
ऐतिहासिक कामरूप राज्य : प्राचीन भारत के उत्तर-पूर्व का शक्तिशाली एवं सांस्कृतिक क्षेत्र Read More »
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रारम्भिक चरण में, जब राष्ट्रवादी चेतना तेज़ी से विकसित हो रही थी और क्रांतिकारी गतिविधियाँ बढ़ रही थीं, दिसंबर 1907 में कांग्रेस का सूरत विभाजन हुआ। यह घटना केवल संगठनात्मक टूट नहीं थी, बल्कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर उदारवादी (नरमपंथी) और उग्रवादी (अतिवादी) विचारधाराओं के गहरे वैचारिक संघर्ष का परिणाम
कांग्रेस का सूरत विभाजन (1907): भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में वैचारिक संघर्ष Read More »