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तुगलक वंश के अधीन दिल्ली सल्तनत का साम्राज्य
History

तुगलक वंश के अधीन दिल्ली सल्तनत का साम्राज्य

साम्राज्य-विस्तार की दृष्टि से तुगलक साम्राज्य, दिल्ली सल्तनत के इतिहास में सबसे विशाल था, किंतु साम्राज्य के सिकुड़ने की दृष्टि से और राजनीतिक-सैनिक ह्रास की दृष्टि से भी यह दिल्ली सल्तनत की पराकाष्ठा थी. इसी काल में उत्तर-पश्चिम से दिल्ली सल्तनत पूर्णतः असुरक्षित हो गई थी. इसी राजवंश में तैमूर का भारत आक्रमण हुआ जिसमें […]

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भारत में भूमि सुधार: औपनिवेशिक व्यवस्था, आजादी के बाद और अब
Economics

भारत में भूमि सुधार: औपनिवेशिक व्यवस्था, आजादी के बाद और अब

भारत में भूमि सुधार देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसका ग्रामीण जीवन, कृषि और समग्र सामाजिक विकास पर गहरा प्रभाव पड़ता है. भारत में भूमि सुधार का प्राथमिक लक्ष्य भूमि वितरण को अधिक न्यायसंगत बनाना है. स्वतंत्रता के बाद, सरकार ने भूमि सुधारों को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल किया. इसका

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तैमूर लंग का भारत आक्रमण (1398) और लुटपाट
History

तैमूर लंग का भारत आक्रमण (1398) और लुटपाट

एशिया का अपने समय का सबसे बड़ा विजेता तैमूर लंग समरकंद तथा बुखारा का शासक था. वह मेसोपोटामिया, फ़ारस और अफ़गानिस्तान पर अधिकार करने के बाद भारत की राजनीतिक अराजकता का लाभ उठाकर वहां की अथाह संपत्ति को लूटने की महत्त्वाकांक्षा भी रखता था. उसका भारत पर अपना राजनीतिक प्रभुत्व स्थापित करने का कोई इरादा

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फ़िरोज शाह तुगलक़ (1351-1388) के अधीन दिल्ली सल्तनत
History

फ़िरोज शाह तुगलक़ (1351-1388) के अधीन दिल्ली सल्तनत

फ़िरोज शाह तुगलक़ को राजनीतिक दृष्टि से अस्थिर, अमीरों और प्रजा के मध्य एक समान अप्रिय, आर्थिक दृष्टि से खोखला और चारों ओर से दुश्मनों से घिरा हुआ साम्राज्य मिला था. किन्तु उसे इस बात का श्रेय दिया जा सकता है कि अपने 37 वर्ष के लम्बे शासन काल में अपने साम्राज्य की डूबती कश्ती

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मुहम्मद बिन तुगलक़ के समय दिल्ली सल्तनत और उसकी उसकी योग्यता
History

मुहम्मद बिन तुगलक़ का दिल्ली सल्तनत और उसकी योग्यता

1325 में अपने पिता सुल्तान गियासुद्दीन तुगलक़ की संदेहास्पद स्थिति में मृत्यु के उपरांत उलुग खान उर्फ़ जूना खान अर्थात् मुहम्मद बिन तुगलक़ दिल्ली का सुल्तान बना. दिल्ली सल्तनत के इतिहास में मुहम्मद बिन तुगलक़ सबसे विद्वान सुल्तान था. किन्तु अपनी अव्यावहारिक योजनाओं, अपने अनियंत्रित क्रोध के कारण अनावश्यक रक्तपात करने की प्रवृत्ति, अपनी ज़िद्दी

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महासागरीय जलधाराओं की सूची, दिशा, क्षेत्र और विशेषताएं | Ocean Currents in Hindi UPSC BPSC CSE GK GS JPSC MPSC UPPSC in Hindi
Geography

महासागरीय जलधाराओं की सूची, दिशा, क्षेत्र और विशेषताएं

महासागरीय जलधाराएँ समुद्र में पानी की निश्चित दिशा में होने वाली गति हैं. ये समुद्र में नदियों की तरह बहती हैं. ये गतियाँ सूरज, हवा, गुरुत्वाकर्षण और पृथ्वी के घूर्णन से होती हैं. ये जलधाराएं दो प्रकार से गति करती हैं:  क्षैतिज और लंबवत. क्षैतिज गति को ‘धारा’ कहा जाता है, जबकि ऊर्ध्वाधर गति को

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ज्वारभाटा क्या हैं और इसके कितने प्रकार होते हैं?
Geography

ज्वारभाटा क्या हैं और इसके कितने प्रकार होते हैं?

समुद्र का पानी चंद्रमा और सूर्य की खिंचाव की शक्ति के कारण दिन में एक या दो बार ऊपर-नीचे होता है, इसे ज्वारभाटा कहते हैं. मौसम के बदलाव, जैसे हवा या हवा के दबाव में परिवर्तन, के कारण समुद्र के पानी की गति को महोर्मि कहते हैं. महोर्मि ज्वारभाटा की तरह नियमित नहीं होती. ज्वारभाटा

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जिला प्रशासन का संरचना, महत्त्व, कार्य और दायित्व | District Administration in Hindi
Civics

जिला प्रशासन का संरचना, महत्त्व, कार्य और दायित्व

हमने पढ़ा है कि यह मुख्यमंत्री और उनकी परिषद ही है जो सभी नीतिगत निर्णय लेती है. अब सवाल यह है कि राज्य सरकार की सभी नीतियों को कौन क्रियान्वित करता है. जिला प्रशासन की प्राथमिक इकाई है. जिले के माध्यम से ही लोग सीधे सरकार के संपर्क में आते हैं. लोग अपनी शिकायतें जिला

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