Home » GK & GSज्वार-भाटा: सव्याख्या महत्वपूर्ण MCQs व PYQs| Tides GK Questions Leave a Comment / By Team PD / August 19, 2026 0% ज्वार-भाटानमस्कार अभ्यर्थियों,यह मॉक टेस्ट (Mock Test) ज्वार-भाटा को ध्यान में रखकर लिखा गया हैं.प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प हैं. इनमें एक सही और शेष गलत हैं.इस अभ्यास के लिए 8 मिनट का समय निर्धारित है.निर्धारित समय में टेस्ट समाप्त (Finish) न करने पर यह स्वतः जमा हो जाएगा. 1 / 10महासागर में ज्वार-भाटा की उत्पत्ति के क्या कारण हैं? a. सूर्य के प्रभाव से b. पृथ्वी की घूर्णन गति से c. सूर्य और चंद्रमा के संयुक्त प्रभाव से d. गुरुत्वाकर्षण, अभिकेंद्रीय बल तथा अपकेंद्रीय बल से उत्तर—(d) व्याख्या: ज्वार-भाटा की उत्पत्ति सूर्य एवं चंद्रमा के आकर्षण बल तथा पृथ्वी पर उत्पन्न होने वाले दो बलों अभिकेंद्रीय बल (Centripetal force) एवं अपकेंद्रीय बल (Centrifugal force) के परिणामी बल के फलस्वरूप होती है. अर्थात पृथ्वी का जो गोलाई चंद्रमा के सम्मुख पड़ती है, वहां चंद्रमा का आकर्षण बल पृथ्वी के केंद्रोपसारित बल की अपेक्षा अधिक मात्रा में होता है. फलस्वरूप उच्च ज्वार का अनुभव किया जाता है. दूसरी ओर पृथ्वी का जो गोलाई चंद्रमा के विमुख होता है, वहां केंद्रोपसारित बल का परिणाम चंद्रमा के आकर्षण बल से अधिक होता है. फलस्वरूप वहां भी उच्च ज्वार (अप्रत्यक्ष ज्वार) को अनुभव किया जाता है. इसी कारण पृथ्वी पर प्रत्येक 24 घंटों में सामान्यतः दो बार ज्वार व दो बार भाटा का अनुभव किया जाना चाहिए, परंतु वास्तव में यह समय 24 घंटे 50 मिनट होता है.2 / 10महासागरों और समुद्रों में ज्वार-भाटाएं किसके/किनके कारण होता/होते हैं? (1) सूर्य का गुरुत्वीय बल (2) चंद्रमा का गुरुत्वीय बल (3) पृथ्वी का अपकेंद्रीय बल नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए: a. केवल 1 b. केवल 2 और 3 c. केवल 1 और 3 d. 1, 2 और 3 उत्तर—(d)3 / 10अप्रत्यक्ष उच्च ज्वार (Indirect High Tide) उत्पन्न होने का कारण है— a. चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल b. सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल c. पृथ्वी का अपकेंद्रीय बल d. पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल उत्तर—(c)4 / 10कथन (A) : लघु ज्वार-भाटाओं के समय, उच्च ज्वार सामान्य से निम्नतर तथा निम्न ज्वार सामान्य से उच्चतर होता है. कारण (R) : लघु ज्वार-भाटा, वृहद ज्वार-भाटा के विपरीत, पूर्णचंद्र के स्थान पर नवचंद्र के समय होता है. नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन कीजिए— a. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है b. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है c. (A) सही है, परंतु (R) गलत है d. (A) गलत है, परंतु (R) सही है. उत्तर—(c) व्याख्या: लघु ज्वार-भाटाओं के समय, उच्च ज्वार सामान्य से 20 प्रतिशत निम्नतर तथा निम्न ज्वार (भाटा) सामान्य से उच्चतर होता है. लघु ज्वार-भाटा वृहद ज्वार-भाटा के विपरीत पूर्णचंद्र या नवचंद्र को नहीं बल्कि शुक्ल पक्ष तथा कृष्ण पक्ष की सप्तमी या अष्टमी को आता है. अतः कथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है.5 / 10रेखाचित्र में दिखाई गई निम्नलिखित स्थितियों में से किस एक में समुद्र ज्वार की ऊंचाई अधिकतम होगी? a. M1 b. M2 c. M3 d. M4 उत्तर—(d) व्याख्या: प्रश्नगत चित्र में \(M_4\) की स्थिति पूर्णचंद्र की स्थिति तथा \(M_2\) की स्थिति नवचंद्र की स्थिति को व्यक्त करती है. इन दोनों परिस्थितियों में सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में होते हैं अथवा 'सिज़िगी' (Syzygy) या 'युति-वियुति' की स्थिति कहलाती है. इन दोनों स्थितियों में वृहद् ज्वार (Spring Tides) की उत्पत्ति होती है. संपूर्ण वृहद् ज्वार (Perigean Spring Tide) नवचंद्र (New Moon) या पूर्ण चंद्र (Full Moon) को घटित होता है जब चंद्रमा, पृथ्वी के निकटतम स्थिति (Perigee) में होता है. तथापि नवचंद्र की स्थिति में जब चंद्रमा पृथ्वी के असमान्य निकट स्थिति (Perigee) में होता है तब अधिक लंबे वृहद् ज्वार (Spring Tide) आते हैं.6 / 10वृहद् ज्वार आता है— a. जब सूर्य, पृथ्वी तथा चंद्रमा एक सीधी रेखा में होते हैं. b. जब सूर्य तथा चंद्रमा समकोण बनाते हैं. c. जब तेज़ हवा चल रही हो. d. जब रात बहुत ठंडी हो. उत्तर—(a)7 / 10महासागर में ऊंची जल तरंगें कैसे होती हैं? a. भूकंप से b. सूर्य से c. तारों से d. चंद्रमा से उत्तर—(d) व्याख्या: चंद्रमा अन्य तारों की अपेक्षा पृथ्वी के ज्यादा नजदीक है, अतः यह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल को ज्यादा प्रभावित करता है. इसी से महासागरों में ऊंची जल तरंगें उत्पन्न होती हैं. चंद्रमा की ज्वारोत्पादक शक्ति सूर्य की तुलना में 2.17 गुना अधिक होती है. सागरी समुद्र के नीचे तीव्र भूकंप आने पर ऊंची सुनामी तरंगें भी उत्पन्न होती हैं.8 / 10ज्वार-भाटा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है? a. वसंत ज्वार — सूर्य और चंद्रमा का समकोणीय विन्यास b. लघु ज्वार — सूर्य और चंद्रमा का समकोणीय विन्यास c. वसंत ज्वार — केवल सूर्य के आकर्षण का प्रभाव d. लघु ज्वार — सूर्य और चंद्रमा का एक सीधी रेखा में होना उत्तर — (b) व्याख्या: जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की स्थिति ऐसी होती है कि सूर्य तथा चंद्रमा के आकर्षण बल एक-दूसरे के प्रभाव को आंशिक रूप से कम करते हैं, तब लघु ज्वार (Neap Tide) उत्पन्न होता है. यह सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा के समकोणीय विन्यास से संबंधित है.9 / 10यदि किसी स्थान पर चंद्रमा के कारण ज्वारीय उभार बन रहा है, तो पृथ्वी के लगभग विपरीत भाग में दूसरा ज्वारीय उभार बनने का प्रमुख कारण क्या है? a. पृथ्वी का परिक्रमण b. अपकेंद्रीय बल c. सूर्य का विकिरण दबाव d. समुद्री जल का वाष्पीकरण उत्तर — (b) व्याख्या: चंद्रमा के निकट पृथ्वी के जिस भाग पर उसका गुरुत्वाकर्षण प्रभाव अधिक होता है, वहाँ ज्वारीय उभार बनता है. पृथ्वी-चंद्रमा प्रणाली के घूर्णन से उत्पन्न अपकेंद्रीय बल के प्रभाव से पृथ्वी के विपरीत भाग में भी ज्वारीय उभार बनता है. इस प्रकार सामान्यतः दो विपरीत दिशाओं में ज्वारीय उभार देखे जाते हैं.10 / 10निम्नलिखित में से किस स्थिति में ज्वारीय परिसर (Tidal Range) अपेक्षाकृत अधिक होने की संभावना होती है? a. जब सूर्य और चंद्रमा का आकर्षण एक-दूसरे के प्रभाव को कम करे b. जब सूर्य और चंद्रमा के आकर्षण का संयुक्त प्रभाव अधिक प्रभावी हो c. जब केवल पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण कार्य करे d. जब चंद्रमा का पृथ्वी पर कोई आकर्षण न हो उत्तर — (b) व्याख्या: सूर्य और चंद्रमा जब ऐसी स्थिति में होते हैं कि उनके ज्वारीय प्रभाव एक-दूसरे को सुदृढ़ करते हैं, तब समुद्री जल पर संयुक्त आकर्षण अधिक प्रभावी होता है. ऐसी स्थिति में उच्च ज्वार अधिक ऊँचा और निम्न ज्वार अधिक नीचा हो सकता है, जिससे ज्वारीय परिसर बढ़ जाता है. इस स्थिति को वसंत ज्वार (Spring Tide) से जोड़ा गया है.Your score isThe average score is 0% 0% Restart quiz FAV US ON Google और पढ़ेंSpread the love! इन्हें भी पढ़ें भारत की राजधानियाँ (Capitals of India) महत्वपूर्ण आर्थिक शब्दावली और परिभाषाओं पर प्रश्नोत्तरी विश्व के प्रमुख द्वीप समूह पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी