Home » GK & GSबादलों के प्रकार और विशेषताओं पर आधारित वस्तुनिष्ठ प्रश्न। Clouds MCQ GK Questions Leave a Comment / By Team PD / August 21, 2026 0% बादलनमस्कार अभ्यर्थियों,यह मॉक टेस्ट (Mock Test) बादल को ध्यान में रखकर लिखा गया हैं.प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प हैं. इनमें एक सही और शेष गलत हैं.इस अभ्यास के लिए 11 मिनट का समय निर्धारित है.निर्धारित समय में टेस्ट समाप्त (Finish) न करने पर यह स्वतः जमा हो जाएगा. 1 / 15निम्नलिखित का सही सुमेलन कीजिए— सूची-I (बादल) A. पक्षाभ स्तरी B. पक्षाभ कपासी C. उच्च कपासी D. स्तरी सूची-II (प्रमुख स्वरूप) 1. कोहरे के समान 2. छोटे-छोटे गोलाकार समूह 3. पतली चादर के समान 4. बड़े गोलाकार गुच्छे कूट: a. A-3, B-2, C-4, D-1 b. A-2, B-3, C-1, D-4 c. A-4, B-1, C-3, D-2 d. A-1, B-4, C-2, D-3 उत्तर: (a) व्याख्या: सही सुमेलन है— पक्षाभ स्तरी — पतली चादर के समान पक्षाभ कपासी — छोटे-छोटे गोलाकार समूह उच्च कपासी — बड़े गोलाकार गुच्छे स्तरी — कोहरे के समान इस प्रकार सही कूट A-3, B-2, C-4, D-1 है.2 / 15निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम बादलों को उनके सामान्य ऊँचाई-क्रम के आधार पर सही ढंग से दर्शाता है? a. पक्षाभ → उच्च स्तरी → स्तरी b. स्तरी → पक्षाभ → उच्च स्तरी c. उच्च स्तरी → पक्षाभ → स्तरी d. स्तरी → उच्च स्तरी → पक्षाभ कपासी उत्तर: (a) व्याख्या: बादलों का वर्गीकरण उनकी ऊँचाई और संरचना के आधार पर भी किया जाता है. पक्षाभ (Cirrus) और उससे संबंधित पक्षाभ समूह ऊँचाई वाले बादल हैं, उच्च स्तरी (Alto-Stratus) मध्य ऊँचाई से संबंधित है, जबकि स्तरी (Stratus) अपेक्षाकृत निचले स्तर का बादल है. इसलिए ऊँचाई की दृष्टि से पक्षाभ → उच्च स्तरी → स्तरी सही क्रम है.3 / 15निम्नलिखित में से कौन-सा बादल मध्य ऊँचाई से संबंधित है? a. उच्च स्तरी b. पक्षाभ c. पक्षाभ कपासी d. केवल (b) और (c) उत्तर: (a) व्याख्या: उच्च स्तरी (Alto-Stratus) बादल मध्य ऊँचाई पर पाए जाते हैं. ये सामान्यतः हल्के भूरे या नीले-भूरे रंग की पतली अथवा विस्तृत परत के रूप में दिखाई देते हैं. इसके विपरीत पक्षाभ और पक्षाभ कपासी बादल अधिक ऊँचाई वाले बादल हैं.4 / 15निम्नलिखित में से किस बादल का नाम उसके ऊँचाई वाले स्वरूप और पतली चादर के समान विस्तार से संबंधित है? a. पक्षाभ स्तरी b. स्तरी c. उच्च कपासी d. वर्षा स्तरी उत्तर: (a) व्याख्या: पक्षाभ स्तरी (Cirro-Stratus) बादल बहुत ऊँचाई पर पाए जाने वाले पतले बादल हैं. ये आकाश में एक विस्तृत, पतली चादर के रूप में फैल सकते हैं. सूर्य या चंद्रमा के चारों ओर दिखाई देने वाला प्रभामंडल (Halo) इनकी प्रमुख पहचान में शामिल है.5 / 15निम्नलिखित में से किस प्रकार के बादल को घने और गहरे रंग का बताया गया है, जिसके कारण अंधकार छा सकता है? a. पक्षाभ b. वर्षा स्तरी c. पक्षाभ कपासी d. उच्च कपासी उत्तर: (b) व्याख्या: वर्षा स्तरी (Nimbo-Stratus) बादल घने और गहरे रंग के होते हैं. इनकी घनता के कारण सूर्य का प्रकाश पर्याप्त मात्रा में धरातल तक नहीं पहुँच पाता और वातावरण में अंधकार जैसा अनुभव हो सकता है. ये लगातार वर्षा या हिमपात से जुड़े होते हैं.6 / 15निम्नलिखित में से कौन-सा बादल कोहरे के समान दिखाई देता है और सामान्यतः क्षैतिज रूप से फैला रहता है? a. स्तरी बादल b. कपासी बादल c. पक्षाभ कपासी d. उच्च कपासी उत्तर: (a) व्याख्या: स्तरी (Stratus) बादल कोहरे के समान दिखाई देते हैं और सामान्यतः क्षैतिज दिशा में विस्तृत परत बनाते हैं. ये निचले स्तर के बादलों से संबंधित हैं. इनका स्वरूप कपासी बादलों की तरह ऊर्ध्वाधर विकास वाला नहीं होता.7 / 15निम्नलिखित में से कौन-से बादल हल्के भूरे रंग के बड़े-बड़े गोलाकार गुच्छों के रूप में दिखाई देते हैं? a. उच्च कपासी b. पक्षाभ c. स्तरी d. पक्षाभ स्तरी उत्तर: (a) व्याख्या: उच्च कपासी (Alto-Cumulus) बादल मध्य ऊँचाई पर पाए जाते हैं और सामान्यतः हल्के भूरे रंग के बड़े-बड़े गोलाकार गुच्छों के रूप में दिखाई देते हैं. इनका स्वरूप पक्षाभ कपासी बादलों की तुलना में अधिक स्पष्ट और अपेक्षाकृत बड़ा होता है.8 / 15निम्नलिखित में से किस प्रकार के बादल को सामान्यतः 'भेड़ के ऊन के समान' स्वरूप वाला बताया जाता है? a. स्तरी बादल b. पक्षाभ कपासी बादल c. वर्षा स्तरी बादल d. उच्च स्तरी बादल उत्तर: (b) व्याख्या: पक्षाभ कपासी (Cirro-Cumulus) बादल बहुत ऊँचाई पर छोटे-छोटे गोलाकार रूपों में पाए जाते हैं. इनके समूहों का स्वरूप कई बार भेड़ के ऊन के समान दिखाई देता है. ये पतले, छोटे और समूहबद्ध बादल होते हैं तथा सामान्यतः ऊपरी वायुमंडल में पाए जाते हैं.9 / 15मेघाच्छादित रात में ओस की बूँदें क्यों नहीं बनतीं? a. मेघों से निर्गत विकिरण को बादल अवशोषित कर लेते हैं. b. पृथ्वी के विकिरण को बादल वापस पार्थिव कर देते हैं. c. मेघाच्छादित रातों में वायु का तापमान कम होता है. d. बादल बहते हुए पवन को भूमिगत की ओर विक्षेपित कर देते हैं. उत्तर: (b) व्याख्या: साफ आकाश वाली रात में पृथ्वी की सतह दीर्घ-तरंग पार्थिव विकिरण के माध्यम से तेजी से ऊष्मा खोती है. इससे सतह का तापमान ओसांक तक पहुँच सकता है और जलवाष्प संघनित होकर ओस की बूंदों का निर्माण करती है. इसके विपरीत मेघाच्छादित रात में बादल पृथ्वी से निकलने वाले पार्थिव विकिरण के एक बड़े भाग को अवशोषित करके पुनः नीचे की ओर विकिरित करते हैं. इससे धरातल का विकिरणीय शीतलन कम हो जाता है और सामान्यतः ओस बनने की संभावना घट जाती है. बादलों के प्रमुख प्रकार — त्वरित पुनरावलोकन पक्षाभ बादल (Cirrus): बहुत ऊँचाई पर पाए जाने वाले पतले, रेशेदार बादल. पक्षाभ स्तरी (Cirro-Stratus): ऊँचाई पर फैले पतले बादल; सूर्य या चंद्रमा के चारों ओर प्रभामंडल बना सकते हैं. पक्षाभ कपासी (Cirro-Cumulus): ऊँचाई पर छोटे-छोटे गोलाकार समूहों में पाए जाते हैं. उच्च स्तरी (Alto-Stratus): मध्य ऊँचाई पर फैली धूसर या नीली-धूसर बादल परत. उच्च कपासी (Alto-Cumulus): मध्य ऊँचाई पर छोटे गोलाकार समूहों वाले बादल. स्तरी बादल (Stratus): कोहरे के समान क्षैतिज रूप से फैली बादल परत. वर्षा स्तरी (Nimbo-Stratus): घने, गहरे बादल, जो लगातार वर्षा या हिमपात से संबंधित होते हैं. कपासी वर्षी (Cumulonimbus): अत्यधिक विकसित बादल; तीव्र वर्षा, ओलावृष्टि, तड़ित और तूफान से जुड़े होते हैं.10 / 15निम्नलिखित में से किस तकनीक का प्रयोग पृथ्वी के वायुमंडल में सूर्य से आने वाले विकिरण के प्रभाव को कम करने के लिए वैज्ञानिक जलवायु अभियांत्रिकी के रूप में सुझाते हैं? a. ध्रुव क्षेत्रों में कृत्रिम बर्फ कराने के लिए b. उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को बढ़ाना और तीव्रता को कम करने के लिए c. पृथ्वी पर गिरने वाले पराबैंगनी विकिरण के प्रभाव को कम करने के लिए d. भूमध्यरेखीय ताप को कम करने के लिए उत्तर: (d) व्याख्या: भूमध्यरेखीय ताप को कम करने के लिए वैज्ञानिक जलवायु अभियांत्रिकी की विभिन्न संभावित तकनीकों पर विचार करते रहे हैं. इनमें सूर्य से आने वाले विकिरण के एक हिस्से को अंतरिक्ष में परावर्तित करने या पृथ्वी तक पहुँचने वाले सौर विकिरण को कम करने जैसी अवधारणाएँ शामिल हैं. ऐसी तकनीकों का उद्देश्य पृथ्वी के ताप संतुलन को प्रभावित करके वैश्विक तापमान में वृद्धि को सीमित करना है.11 / 15बादल बनने की प्रक्रिया मुख्यतः किससे संबंधित है? a. वाष्पीकरण के b. सामान्य ताप पर ह्रास दर के c. पैथिक ह्रास दर के d. संघनन के उत्तर: (d) व्याख्या: बादल बनने की प्रमुख प्रक्रिया संघनन (Condensation) है. जब जलवाष्पयुक्त वायु ऊपर उठकर ठंडी होती है और अपने ओसांक तक पहुँचती है, तो जलवाष्प सूक्ष्म जलकणों या हिमकणों में परिवर्तित होने लगती है. वायुमंडल में उपस्थित धूल, धुआँ और अन्य सूक्ष्म कण संघनन के केंद्र के रूप में कार्य करते हैं. इन्हीं सूक्ष्म जलकणों या हिमकणों के समूह को बादल कहा जाता है.12 / 15निम्नलिखित में से कौन-सा बादल अत्यधिक तीव्र वर्षा के लिए उत्तरदायी होता है? a. कपासी b. कपासी वर्षा c. वर्षा स्तरी d. पक्षाभ स्तरी उत्तर: (b) व्याख्या: कपासी वर्षा (Cumulonimbus Clouds) अत्यधिक विस्तृत तथा घने बादल होते हैं. इनमें तीव्र वर्षा, ओलावृष्टि, तड़ित और तेज हवाओं की संभावना रहती है. ये बादल काफी ऊँचाई तक विकसित हो सकते हैं और गरज-चमक वाले तूफानों से विशेष रूप से जुड़े होते हैं.13 / 15सर्वाधिक ऊँचाई पर पाए जाने वाले बादल हैं— a. मध्य कपासी b. मध्य स्तरी c. कपासी d. पक्षाभ स्तरी उत्तर: (d) व्याख्या: पक्षाभ स्तरी (Cirro-Stratus Clouds) बहुत अधिक ऊँचाई पर पाए जाने वाले पतले, पारदर्शी और रेशेदार बादल हैं. इनकी ऊँचाई सामान्यतः 18,000 फीट से अधिक हो सकती है. इनके कारण सूर्य या चंद्रमा के चारों ओर प्रभामंडल (Halo) दिखाई दे सकता है. पक्षाभ स्तरी बादल सामान्यतः पूरे आकाश में पतली चादर के रूप में फैल जाते हैं.14 / 15मेघ गर्जन, तड़ित झंझा और वायुमंडलीय घटनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए— 1. संवहन 2. उच्च ताप एवं आर्द्रता 3. पर्वत विज्ञान 4. ऊर्ध्वाधर हवा इनमें से मेघ गर्जन मुख्य रूप से किन-किन कारकों के कारण होता है? a. 1 और 2 b. 2, 3 और 4 c. 1, 2, 3 और 4 d. 2 और 4 उत्तर: (c) व्याख्या: मेघ गर्जन (Thunderstorm) के निर्माण में संवहन, उच्च तापमान एवं आर्द्रता, पर्वतीय स्थलाकृति तथा ऊर्ध्वाधर वायु गति की भूमिका हो सकती है. गर्म और नम वायु के तीव्रता से ऊपर उठने पर बादल विकसित होते हैं. मेघों के भीतर जलकणों और हिमकणों की तीव्र गति तथा टकराव से विद्युत आवेशों का पृथक्करण होता है, जिससे तड़ित (Lightning) उत्पन्न होती है. तड़ित के कारण आसपास की वायु अचानक गर्म होकर तेजी से फैलती है, जिससे मेघ गर्जन की ध्वनि उत्पन्न होती है.15 / 15तड़ित झंझा के दौरान आकाश में तड़ित किसके द्वारा उत्पन्न होती है? 1. आकाश में कपासी वर्षी मेघों के मिलने से 2. तड़ित से, जो वर्षी मेघों को पुष्ट करती है 3. हवा और जल कणों के ऊपर की ओर तथा नीचे की ओर तीव्र चलन से नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए— a. केवल 1 b. केवल 2 और 3 c. केवल 1 और 3 d. उपर्युक्त में से कोई भी तड़ित उत्पन्न नहीं करता उत्तर: (d) व्याख्या: मेघ गर्जन वाले बादलों के भीतर जलकणों, हिमकणों और बर्फ के कणों की तीव्र ऊर्ध्वाधर एवं अधोगामी गति होती है. इनके आपसी टकराव से विद्युत आवेशों का पृथक्करण होता है. इसके परिणामस्वरूप बादल के भीतर या बादल और धरातल के बीच विद्युत विसर्जन होता है, जिसे तड़ित (Lightning) के रूप में देखा जाता है. तड़ित से उत्पन्न तीव्र ऊष्मा आसपास की वायु को अचानक गर्म करती है और उसके तीव्र प्रसार से मेघ गर्जन उत्पन्न होता है.Your score isThe average score is 0% 0% Restart quiz FAV US ON Google और पढ़ेंSpread the love! इन्हें भी पढ़ें भारत की राजधानियाँ (Capitals of India) महत्वपूर्ण आर्थिक शब्दावली और परिभाषाओं पर प्रश्नोत्तरी विश्व के प्रमुख द्वीप समूह पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी