Economics

आर्थिक विकास के निर्धारक घटक एवं अवस्थाएं | Economic Development Determining Factors Theories Definitions and Phases in Hindi Aarthik Vikas ke ghatak aur awasthaen
Economics

आर्थिक विकास के निर्धारक घटक एवं अवस्थाएं

विश्व के समस्त देशों में आर्थिक विकास (या आर्थिक वृद्धि) हुए है. परन्तु उनकी वृद्धि दरें एक दूसरे से भिन्न रहती हैं. वृद्धि दरों में असमानताएं उनकी विभिन्न आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, तकनीकी एवं अन्य स्थितियों के कारण पाई जाती है. यहीं स्थितियां आर्थिक वृद्धि के कारक हैं. परन्तु इन कारकों का निश्चित रूप से […]

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कृषि का अर्थ, परिभाषा, प्रकार और महत्व | Agriculture Meaning Definition Types Produces and Importance
Economics Geography

कृषि (Agriculture) का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विधियाँ और महत्व

कृषि (Agriculture) शब्द की व्युत्पत्ति विज्ञान के अनुसार कृषि का अभिप्राय कर्षण से या खींचने से होता है. कृषि का अंग्रेजी पर्याय Agriculture लेटिन भाषा के दो शब्दों को मिलाकर बना है. Ager ( agerfiels or soil) तथा Culture (cultura- the care of tillingh) से मिलकर बना है. लैटिन शब्द Ager का अर्थ खेत होता

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ग्रामीण औद्योगीकरण क्या है? | Rural Industrialisation
Economics

ग्रामीण औद्योगीकरण क्या है?

ग्रामीण औद्योगीकरण वह प्रक्रिया है. जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के उद्योग का नियमित और क्रमिक विकास होता हो तथा धीरे-धीरे उसमें नवीनता एवं आधुनिकरण का समावेश होता रहता है. संकुचित दृष्टिकोण से ग्रामीण औद्योगीकरण से तात्पर्य एवं आधारभूत उद्योगों की स्थापना क विकास करना हैं मनुष्य की आवष्यकतायें धीरे-धीरे बढ़ती गयी और नये आधुनिक उद्योगों का

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नई अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं?
Economics

नई अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं?

नई अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य वर्तमान भेदभावपूर्ण आर्थिक सम्बन्धों का निर्धारण नए सिरे से करना है. नई अन्तर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के समर्थक देशों का मानना है कि विकसित और विकासशील देशों में गहरी आर्थिक असमानता है. वर्तमान व्यवस्था धनी या विकसित देशों के हितों की ही पोषक है. नई अन्तर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का उद्देश्य

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उपभोक्ता व्यवहार क्या है? ख़रीदार कैसे प्रभावित होते है?
Economics

उपभोक्ता व्यवहार क्या है? ख़रीदार कैसे प्रभावित होते है?

उपभोक्ता व्यवहार विश्व की समस्त विपणन क्रियाओं का केन्द्र बिन्दु उपभोक्ता है. आज विपणन के क्षैत्र में जो कुछ भी किया जा रहा है उसके केन्द्र में कही न कही उपभोक्ता विद्यमान है. इसलिए उपभोक्ता को बाजार का राजा या बाजार का मालिक कहा गया है. सभी विपणन संस्थाए उपभोक्ता की आवश्यकताओं इच्छाओं, उसकी पंसद

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बाजार विभक्तिकरण का क्या तात्पर्य है? इसे क्यों और कैसे लागू किया जाता हैं? Market Segmentation Strategy Explained Hindi Interview
Economics

बाजार विभक्तिकरण का क्या तात्पर्य है? इसे क्यों और कैसे लागू किया जाता हैं?

भूमण्डलीकरण के वर्तमान दौर में सम्पूर्ण विश्व एक बड़ा बाजार बन गया है. पूरे विश्व में विभिन्न प्रकार के उपभोक्ता रहते है जिनमें आयु, आय, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय एवं पैशा आदि के आधार पर अनेक अन्तर है. किसी भी संस्था के लिए यह लगभग असम्भव है कि वह इन सभी प्रकार के ग्राहको पर ध्यान

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मूल्य निर्धारण क्या है और कैसे तय होता है?
Economics

मूल्य निर्धारण क्या है और कैसे तय होता है?

मूल्य निर्धारण का अर्थ किसी वस्तु या सेवा में मौद्रिक मूल्य निर्धारित करने से है. किन्तु विस्तृत अर्थ में, मूल्य निर्धारण वह कार्य एवं प्रक्रिया है. जिसे वस्तु के विक्रय से पूर्व निर्धारित किया जाता है एवं जिसके अन्तर्गत मूल्य निर्धारण के उद्देश्यों, मूल्य को प्रभावित करने वाले घटकों, वस्तु का मौद्रिक मूल्य, मूल्य नीतियों

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सूखा की परिभाषा, इसका कारण, प्रकार और लक्षण; Agricultural Drought, Meaning Definition Examples Reason Solution Impact Crop Alternatives
Ecology Economics Geography

सूखा की परिभाषा, इसका कारण, प्रकार और लक्षण

जब किसी क्षेत्र में जल तथा नमी की मात्रा कुछ समय के लिए सामान्य से कम हो जाती है, उसे सूखा कहते है. यह एक भयंकर प्राकृतिक प्रकोप है. इसका मुख्य सम्बन्ध जल वर्षा की कमी से है. यदि किसी क्षेत्र में दीर्घकालीन समय तक सामान्य या औसत वर्षा से यथार्थ वर्षा कम मात्रा में

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कृषि को प्रभावित करने वाले कारक, Factors those affect agriculture
Economics

कृषि को प्रभावित करने वाले 10 कारक

कृषि कार्य को प्राकृतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक कारक प्रभावित करते हे. प्राकृतिक वातावरण कृषि का आधार होता है अत: यह प्रत्यक्ष रूप से कृषि को प्रभावित करता हे. कृषि को प्रभावित करने वाले भौतिक कारक इस सभी कारकों के प्रभाव स्वरूप ही कृषि में विशिष्टता आती हे. अत: कृषि को प्रभावित करने वाले कारकों

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उत्पाद नियोजन क्या है? उत्पाद नियोजन की आवश्यकता एवं महत्व
Economics

उत्पाद नियोजन क्या है? उत्पाद नियोजन की आवश्यकता एवं महत्व

उत्पाद नियोजन से आशय उन प्रयासों से है जिनके द्वारा बाजार या उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं एवं इच्छाओं के अनुरूप उत्पाद या उत्पाद श्रृंखला को निर्धारित किया जाता है. दूसरे शब्दों में हम कह सकते है कि उत्पाद नियोजन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा उपभोक्ताओं की इच्छाओं एवं आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उपयोगी उत्पादों को

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