आधुनिक आवर्त सारणी [Interactive]। Modern Periodic Table

आधुनिक आवर्त सारणी – 118 तत्व

आधुनिक आवर्त सारणी के 118 तत्व

तत्व का नाम और संक्षिप्त विवरण देखने के लिए तत्व पर जाएँ या क्लिक करें.

क्षार धातु
क्षारीय मृदा धातु
संक्रमण धातु
उत्तर-संक्रमण धातु
उपधातु
अधातु
हैलोजन
निष्क्रिय गैस
लैंथेनाइड
एक्टिनाइड

आवर्त सारणी के बारे में

आधुनिक आवर्त सारणी सभी ज्ञात रासायनिक तत्वों को परमाणु क्रमांक, इलेक्ट्रॉन विन्यास और आवर्ती रासायनिक गुणों के आधार पर व्यवस्थित करती है. इस इंटरैक्टिव सारणी में 118 तत्व शामिल हैं.

तत्व संबंधी जानकारी:

  • परमाणु क्रमांक – प्रत्येक तत्व के ऊपर बाईं ओर प्रदर्शित है
  • प्रतीक – तत्व का संक्षिप्त रासायनिक संकेत
  • परमाणु द्रव्यमान – नीचे प्रदर्शित है. कोष्ठक में दिए मान अस्थिर तत्वों के लिए हैं

आवर्त सारणी (Periodic Table)

आवर्त सारणी रासायनिक तत्वों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने की एक सारणी है. इसमें तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु क्रमांक के आधार पर रखा जाता है. तत्वों की स्थिति से उनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और रासायनिक गुणों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है. आधुनिक आवर्त सारणी में वर्तमान में 118 तत्व शामिल हैं.

आधुनिक आवर्त सारणी क्या है?

आधुनिक आवर्त सारणी का आधार आधुनिक आवर्त नियम है. इसके अनुसार, तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन होते हैं.

सरल शब्दों में, तत्वों को परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में रखने पर उनके गुण एक निश्चित अंतराल के बाद दोहराने लगते हैं. इसी आवर्ती प्रकृति के कारण इसे आवर्त सारणी कहा जाता है.

आवर्त सारणी का इतिहास

तत्वों को व्यवस्थित करने के कई प्रयास किए गए. डोबेरेनर ने तत्वों को त्रिकों में वर्गीकृत किया, जबकि जॉन न्यूलैंड्स ने अष्टक नियम प्रस्तुत किया.

इसके बाद रूसी रसायन वैज्ञानिक दिमित्री मेंडेलीव ने 1869 में तत्वों को मुख्यतः परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करके अपनी आवर्त सारणी प्रस्तुत की. उन्होंने कुछ स्थान भविष्य में खोजे जाने वाले तत्वों के लिए खाली छोड़े. बाद में खोजे गए कुछ तत्वों के गुण इन पूर्वानुमानों से मेल खाए. यही मेंडेलीव की सारणी की प्रमुख विशेषताओं में से एक थी.

मेंडेलीव की व्यवस्था की एक प्रमुख सीमा यह थी कि उसका आधार परमाणु द्रव्यमान था. आधुनिक आवर्त सारणी में इसका स्थान परमाणु क्रमांक ने ले लिया. परमाणु क्रमांक की अवधारणा को हेनरी मोसले के X-ray अध्ययन ने मजबूत आधार दिया.

आधुनिक आवर्त सारणी की संरचना

आधुनिक आवर्त सारणी में—

  • 7 क्षैतिज पंक्तियाँ होती हैं, जिन्हें आवर्त कहते हैं.
  • 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ होते हैं, जिन्हें समूह कहते हैं.
  • एक ही समूह के तत्वों में सामान्यतः समान प्रकार के बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के कारण रासायनिक गुणों में समानता दिखाई देती है.
  • प्रत्येक तत्व को उसके परमाणु क्रमांक के अनुसार स्थान दिया गया है.

आवर्त

आवर्त सारणी की क्षैतिज पंक्तियों को आवर्त (Periods) कहा जाता है. कुल 7 आवर्त हैं. पहले आवर्त में 2 तत्व होते हैं. इसके बाद के आवर्तों में क्रमशः 8, 8, 18, 18, 32 और 32 तत्वों की क्षमता होती है.

समूह

आवर्त सारणी के ऊर्ध्वाधर स्तंभों को समूह (Groups) कहा जाता है. आधुनिक आवर्त सारणी में कुल 18 समूह हैं. एक ही समूह के तत्वों के बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास में समानता होने के कारण उनके रासायनिक गुणों में भी समानता पाई जाती है.

तत्वों के प्रमुख समूह

आवर्त सारणी में कुछ समूहों के विशेष नाम हैं.

समूहनामप्रमुख उदाहरण
1क्षार धातुLi, Na, K
2क्षारीय मृदा धातुBe, Mg, Ca
17हैलोजनF, Cl, Br, I
18उत्कृष्ट/निष्क्रिय गैसेंHe, Ne, Ar, Kr

समूह 18 के तत्व सामान्यतः रासायनिक रूप से बहुत कम क्रियाशील होते हैं. इसी कारण इन्हें निष्क्रिय गैसें या उत्कृष्ट गैसें कहा जाता है.

धातु और अधातु

आवर्त सारणी में धातु मुख्यतः बाईं ओर और मध्य भाग में स्थित हैं, जबकि अधातु दाईं ओर पाए जाते हैं. इनके बीच एक सीढ़ीनुमा सीमा के आसपास उपधातु पाए जाते हैं.

धातुओं में सामान्यतः चमक, तन्यता, आघातवर्धनीयता और विद्युत एवं ऊष्मा के अच्छे चालक होने जैसे गुण पाए जाते हैं. अधातुओं के गुण धातुओं से अलग होते हैं. उदाहरण के लिए, अधिकांश अधातु विद्युत के खराब चालक होते हैं.

हाइड्रोजन को सामान्यतः अलग स्थान पर दिखाया जाता है. यह समूह 1 के ऊपर स्थित होने के बावजूद धातु नहीं है और इसके गुण इसे अन्य तत्वों से कुछ अलग बनाते हैं.

आवर्त सारणी के चार ब्लॉक

तत्वों को उनके अंतिम इलेक्ट्रॉन के जिस उपकोश में प्रवेश करने के आधार पर चार ब्लॉकों में बाँटा जाता है—

  1. s-ब्लॉक
  2. p-ब्लॉक
  3. d-ब्लॉक
  4. f-ब्लॉक

इस वर्गीकरण का संबंध तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से है.

s-ब्लॉक

समूह 1 और 2 के तत्व मुख्यतः s-ब्लॉक में आते हैं. इनमें क्षार धातु और क्षारीय मृदा धातु शामिल हैं.

p-ब्लॉक

समूह 13 से 18 के तत्व p-ब्लॉक में आते हैं. इसमें धातु, उपधातु, अधातु, हैलोजन और निष्क्रिय गैसें शामिल हैं.

d-ब्लॉक

समूह 3 से 12 के तत्व d-ब्लॉक के अंतर्गत आते हैं. इन्हें सामान्यतः संक्रमण तत्व कहा जाता है.

f-ब्लॉक

लैंथेनाइड और एक्टिनाइड तत्व f-ब्लॉक में रखे जाते हैं. इन्हें आवर्त सारणी के मुख्य भाग के नीचे अलग से दिखाया जाता है, जिससे सारणी का आकार सुविधाजनक बना रहे.

आवर्तीय गुण

आवर्त सारणी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि तत्वों के कई गुण नियमित रूप से बदलते हैं. इन्हें आवर्तीय प्रवृत्तियाँ (Periodic Trends) कहा जाता है.

प्रमुख आवर्तीय गुण हैं—

  • परमाणु त्रिज्या
  • आयनिक त्रिज्या
  • आयनीकरण एन्थैल्पी
  • इलेक्ट्रॉन ग्रहण एन्थैल्पी
  • विद्युत ऋणात्मकता
  • संयोजकता
  • ऑक्सीकरण अवस्था
  • रासायनिक क्रियाशीलता

परमाणु त्रिज्या

किसी आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर सामान्यतः परमाणु त्रिज्या घटती है. समूह में ऊपर से नीचे जाने पर नए इलेक्ट्रॉन कोश जुड़ने के कारण परमाणु आकार सामान्यतः बढ़ता है.

आयनीकरण एन्थैल्पी

गैसीय अवस्था में स्वतंत्र परमाणु से एक इलेक्ट्रॉन हटाने के लिए आवश्यक ऊर्जा को आयनीकरण एन्थैल्पी कहते हैं. सामान्यतः आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर आयनीकरण एन्थैल्पी बढ़ती है, जबकि समूह में ऊपर से नीचे जाने पर घटती है.

विद्युत ऋणात्मकता

सहसंयोजक बंध में साझा इलेक्ट्रॉनों को अपनी ओर आकर्षित करने की परमाणु की प्रवृत्ति को विद्युत ऋणात्मकता कहते हैं.

सामान्यतः आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर विद्युत ऋणात्मकता बढ़ती है और समूह में ऊपर से नीचे जाने पर घटती है. फ्लुओरीन को सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व माना जाता है.

आवर्त सारणी का महत्व

यह केवल तत्वों की सूची नहीं है. यह रसायन विज्ञान में तत्वों के व्यवहार को समझने का एक महत्वपूर्ण साधन है.

इसके माध्यम से—

  • तत्व की स्थिति ज्ञात की जा सकती है.
  • परमाणु क्रमांक और इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से संबंधित जानकारी मिलती है.
  • समान गुणों वाले तत्वों को एक साथ समझना आसान होता है.
  • तत्वों की आवर्तीय प्रवृत्तियों का अध्ययन किया जाता है.
  • नए या कम परिचित तत्वों के संभावित गुणों का अनुमान लगाने में सहायता मिलती है.
  • रासायनिक बंध और अभिक्रियाशीलता को समझने में सुविधा होती है.

इसी कारण इसे रसायन विज्ञान की आधारभूत अवधारणाओं में शामिल किया जाता है.

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • आधुनिक आवर्त सारणी में 118 तत्व हैं.
  • आधुनिक आवर्त सारणी का आधार परमाणु क्रमांक है.
  • आधुनिक आवर्त सारणी में 7 आवर्त और 18 समूह हैं.
  • क्षैतिज पंक्तियों को आवर्त कहा जाता है.
  • ऊर्ध्वाधर स्तंभों को समूह कहा जाता है.
  • तत्वों को मुख्यतः s, p, d और f ब्लॉक में बाँटा जाता है.
  • समूह 17 के तत्व हैलोजन कहलाते हैं.
  • समूह 18 के तत्व निष्क्रिय या उत्कृष्ट गैसें कहलाते हैं.
  • आधुनिक आवर्त सारणी के विकास में दिमित्री मेंडेलीव का महत्वपूर्ण योगदान था.
  • हेनरी मोसले के कार्य ने परमाणु क्रमांक को तत्वों के क्रम का वैज्ञानिक आधार प्रदान किया.
  • आवर्त सारणी में धातुएँ मुख्यतः बाईं और मध्य भाग में तथा अधातुएँ दाईं ओर स्थित हैं.

निष्कर्ष

आवर्त सारणी रसायन विज्ञान में तत्वों को समझने का एक व्यवस्थित तरीका प्रदान करती है. परमाणु क्रमांक, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और आवर्तीय गुणों के आधार पर तत्वों की स्थिति निर्धारित होती है. किसी तत्व का समूह और आवर्त जानने से उसके कई भौतिक और रासायनिक गुणों का अनुमान लगाया जा सकता है. यही कारण है कि आवर्त सारणी रसायन विज्ञान के अध्ययन का आधार मानी जाती है.

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